नागराकाटा: केंद्र सरकार के अधीन एंड्रयू युले एंड कंपनी लिमिटेड द्वारा संचालित चार चाय बागान न्यू डुआर्स, कर्बला, चुनभट्टी और बानरहाट इन दिनों गंभीर संकट से गुजर रहे हैं। इन चाय बागानों के श्रमिकों द्वारा बकाया मजदूरी की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन एवं गेट मीटिंग के जरिए विरोध प्रकट किया। न्यू डुआर्स और चूनाभट्टी बागान के श्रमिक पिछले दो दिनों से लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। चाय बागान के श्रमिक वेतन की तत्काल भुगतान की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। श्रमिकों का कहना है आठ सप्ताह से लंबित वेतन का तत्काल भुगतान किया जाना चाहिए धरना प्रदर्शन के बाद भी उनकी मांगे बागान मैनेजमेंट नहीं मानते हैं तो हम लोग जोरदार आंदोलन के लिए विवश हो जाएंगे। इन चाय बागान के श्रमिक गत कुछ महीने आगे भी बकाया मजदूरी पीएफ , ग्रेच्युटी सहित अन्य मांगों को लेकर लगातार आंदोलन करते हुए सड़क अवरोध करते हुए विरोध प्रकट किया था। लेकिन बाद में मैनेजमेंट द्वारा उनके बकाया मजदूरी दिए जाने के बाद श्रमिकों ने राहत की सांस ली थी। फिलहाल श्रमिकों का कहना है अभी बागान में अच्छी पत्तियां होने के बावजूद भी श्रमिकों को काम किए हुए मजदूरी नहीं मिलना काफी अन्याय पूर्ण विषय है।
उल्लेखनीय है, यूल कंपनी के चारों चाय बागान की अवस्था दिन प्रतिदिन काफी सोचनीय होती जा रही है। बागान मैनेजमेंट का कहना है,चाय बागान में चाय का उत्पादन भी कम होना चिंता का विषय है। श्रमिकों का कहना है हम लोग अपने और से चाय बागान के लिए पूरे समय एवं मेहनत दे रहे हैं लेकिन फिर भी चाय बागान के मैनेजमेंट के लापरवाही के चलते चाय बागान की स्थिति दयनीय बनी हुई है। श्रमिको ने बताया कार्य की नियमितता और भविष्य की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना भी हमारी मांगे है।एवं बागानों के संचालन में पारदर्शिता और प्रबंधन की जवाबदेही तय भी बागान मैनेजमेंट को करना है।