सिक्किम: दक्षिण सिक्किम के मामरिंग स्थित समरदुंग में निर्माणाधीन तीस्ता चरण-VI जलविद्युत परियोजना की सुरंग में सोमवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। भोजन अवकाश के दौरान सुरंग के भीतर अचानक भूस्खलन होने और कथित रूप से मीथेन गैस रिसाव के बाद करीब 12 श्रमिकों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुरंग निर्माण का कार्य पटेल इंजीनियरिंग द्वारा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि दोपहर करीब 12 बजे सुरंग का एक हिस्सा अचानक धंस गया, जिससे अंदर जाने का रास्ता अवरुद्ध हो गया। इसके बाद गैस रिसाव की सूचना मिलने से बचाव कार्य और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल , राज्य आपदा मोचन बल , सिक्किम पुलिस, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा, एनएचपीसी के अधिकारी और अन्य संबंधित एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। बचाव दल श्रमिकों तक सुरक्षित पहुंच बनाने और उन्हें बाहर निकालने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं। सुरंग के भीतर गैस की मौजूदगी के कारण राहत एवं बचाव कार्य में कठिनाइयां आ रही हैं। प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचने के दौरान बचाव कर्मियों को भी सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के साथ यातायात को भी नियंत्रित किया है। फिलहाल सुरंग में फंसे श्रमिकों की स्थिति को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बचाव दल मलबा हटाकर श्रमिकों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।
हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद निर्माणाधीन सुरंग में सुरक्षा मानकों, गैस निगरानी प्रणाली, वेंटिलेशन व्यवस्था और आपातकालीन बचाव योजना को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, भूमिगत परियोजनाओं में जहां ज्वलनशील गैसों का खतरा रहता है, वहां लगातार गैस मॉनिटरिंग, बेहतर वेंटिलेशन, प्रशिक्षित बचाव दल और वैकल्पिक आपात योजना का होना बेहद जरूरी है। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारण, गैस रिसाव की परिस्थितियां और सुरक्षा मानकों के पालन की स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता फंसे हुए श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना है। बचाव अभियान लगातार जारी है और सभी संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं।