गंगटोक : सिक्किम राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अनिवार्य पर्यावरणीय मंजूरी के बिना संचालित हो रहे होटलों, रेस्तरां, गेस्ट हाउस, लॉज और अन्य समान प्रतिष्ठानों को अपने संचालन को नियमित करने के लिए 31 मार्च 2027 तक की समयसीमा निर्धारित की है।
बोर्ड द्वारा जारी सार्वजनिक सूचना के अनुसार, एकमुश्त रियायत के तहत संबंधित प्रतिष्ठान निर्धारित आवेदन पत्र, आवश्यक दस्तावेज और शुल्क के साथ बकाया राशि जमा कर स्थापना की सहमति (कंसेंट टू एस्टैब्लिश) अथवा संचालन की सहमति (कंसेंट टू ऑपरेट) के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इस योजना के तहत पिछले बकाये की अवधि प्रतिष्ठान की श्रेणी और संबंधित परिस्थितियों के आधार पर पिछले दो या तीन वर्षों तक सीमित रहेगी। जांच और आकलन के बाद बोर्ड द्वारा देय राशि निर्धारित की जाएगी। इससे प्रतिष्ठानों को संचालन की पूरी अवधि का बकाया भुगतान नहीं करना पड़ेगा।
इस पहल का उद्देश्य मौजूदा व्यवसायों को पर्यावरणीय नियमों के अनुरूप संचालन का अवसर प्रदान करना है। हालांकि, बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह रियायत पूर्व में किए गए उल्लंघनों को माफ नहीं करती और न ही पर्यावरणीय मानकों तथा अन्य वैधानिक आवश्यकताओं से छूट देती है।
आवेदकों को संबंधित पर्यावरणीय मानकों और सुरक्षा उपायों का पालन करना होगा। साथ ही, आवेदन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए आवश्यक अभिलेख, जानकारी और निर्धारित घोषणापत्र प्रस्तुत करने होंगे।
बोर्ड ने चेतावनी दी है कि 31 मार्च 2027 तक आवश्यक सहमति या अनुमति प्राप्त नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ संबंधित पर्यावरणीय कानूनों, नियमों और विनियमों के तहत बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के उचित कानूनी एवं नियामक कार्रवाई की जाएगी।
यह एकमुश्त अवसर अनिवार्य पर्यावरणीय मंजूरी के बिना संचालित प्रतिष्ठानों को नियामक दायरे में लाने और पर्यावरणीय नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।