जलपाईगुड़ी: एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता स्वप्ना बर्मन के चुनाव लड़ने को लेकर जटिलता उत्पन्न हो गई है। रेलवे में कार्यरत रहते हुए तृणमूल का झंडा थामने के कारण वह मुश्किल में पड़ गई हैं। रेलवे ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की है। चुनाव लड़ने के लिए उन्हें रेलवे की नौकरी छोड़नी होगी। हालांकि, नौकरी से इस्तीफा देने के लिए आवेदन करने के बावजूद उन्हें अब तक अनुमति नहीं मिली है। रेलवे का कहना है कि नौकरी में रहते हुए पार्टी का झंडा उठाकर उन्होंने अनुशासन का उल्लंघन किया है।अब चुनाव लड़ने के लिए स्वप्ना बर्मन ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। राजगंज विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार स्वप्ना बर्मन ने कोलकाता हाई कोर्ट की जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच का रुख किया। उन पर आरोप है कि केंद्रीय सरकारी कर्मचारी रहते हुए उन्होंने एक राजनीतिक दल की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया और बयान भी दिया, जिसके चलते रेलवे ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की।
स्वप्ना बर्मन नीली बत्ती वाली गाड़ी से जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच में पेश हुईं, लेकिन उन्होंने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया।
बताया जा रहा है कि 16 मार्च को स्वप्ना ने नौकरी छोड़ने के लिए आवेदन किया था, जबकि 9 मार्च को उनके खिलाफ अनुशासनहीनता की शिकायत दर्ज की गई। उन्होंने 7 जनवरी 2020 को उत्तर-पूर्व सीमांत रेलवे के अलीपुरद्वार डिवीजन में स्टाफ एंड वेलफेयर इंस्पेक्टर के रूप में नौकरी जॉइन की थी।
27 फरवरी को कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस कार्यालय में मंत्री ब्रात्य बसु, चंद्रिमा भट्टाचार्य और सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देव की मौजूदगी में स्वप्ना बर्मन ने पार्टी का झंडा ग्रहण किया था, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ। रेलवे ने 3 मार्च को उनके खिलाफ जांच भी शुरू की।
जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच में डिप्टी सॉलिसिटर जनरल सुदीप्त मजूमदार ने न्यायाधीश के सामने प्रस्ताव रखा कि स्वप्ना बर्मन को रेलवे के सामने अपनी गलती स्वीकार करनी होगी। यदि वह नौकरी छोड़ना चाहती हैं, तो उन्हें पेंशन और अन्य लाभों का दावा छोड़ना होगा। यदि वह लिखित रूप में अपनी गलती स्वीकार करती हैं, तो 48 घंटे के भीतर रेलवे अधिकारी इस पर निर्णय लेंगे। इस मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को न्यायाधीश गौरांग कंठ करेंगे।
स्वप्ना के वकील सौरभ लोहानी ने कहा कि 16 मार्च को उन्होंने इस्तीफे के लिए आवेदन किया था, लेकिन रेलवे ने अनुमति नहीं दी। वह छुट्टी पर थीं और खेल की तैयारी कर रही थीं। उन्होंने यह भी कहा कि छुट्टी के दौरान कोई वेतन या लाभ नहीं लिया जाएगा। अदालत ने 48 घंटे के भीतर इस मामले पर विचार करने को कहा है। डिप्टी सॉलिसिटर जनरल सुदीप्त मजूमदार ने कहा कि स्वप्ना बर्मन विधानसभा चुनाव लड़ना चाहती हैं, इसलिए उन्होंने इस्तीफा मांगा। उनके खिलाफ अनुशासनात्मक जांच जारी है। उनके वकील ने कहा है कि वे वेतन लौटाने को भी तैयार हैं,इस्तीफा और गलती स्वीकार करने का पत्र देने की बात कही गई थी, लेकिन अभी तक इसकी कोई प्रति प्राप्त नहीं हुई है।