हाथी के हमले से क्षतिग्रस्त हुआ स्कूल  
सिलीगुड़ी

प्राथमिक विद्यालय जंगली हाथियों के हमले का शिकार

नागराकाटा: नागराकाटा के बामनडांगा चाय बागान स्थित टंडू टीजी स्टेट प्लान प्राथमिक विद्यालय एक बार फिर जंगली हाथियों के हमले का शिकार हो गया। बुधवार देर रात हुए इस हमले में न केवल विद्यालय भवन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, बल्कि मिड-डे मील के लिए सुरक्षित रखे गए खाद्य सामग्री भी नष्ट हो गई। बताया जा रहा है कि पिछले 25 वर्षों में यह विद्यालय 86वीं बार हाथियों के हमले की चपेट में आया है। हाल ही में सरकारी पहल पर विद्यालय की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन 6 मार्च को भी एक छोटा हमला हुआ था, जिसकी क्षति को किसी तरह संभाल लिया गया था। हालांकि इस बार हुए नुकसान ने पूरे क्षेत्र में चिंता और मायूसी का माहौल पैदा कर दिया है।जानकारी के अनुसार, एक दल से बिछड़ा जंगली हाथी विद्यालय की नई बनी चारदीवारी का एक हिस्सा तोड़कर अंदर घुस आया। सबसे पहले उसने कार्यालय कक्ष पर हमला किया, जहां जमीन के नीचे मिड-डे मील का सामान रखने के लिए एक पक्का चेम्बर बनाया गया था। हाथी ने अपनी सूंड से चेम्बर का ढक्कन उखाड़कर उसमें रखे चावल, दाल, आलू, सोयाबीन और अंडे जैसी सामग्री खा ली।

इसके बाद हाथी ने दीवार, दरवाजे और खिड़कियों को तोड़ दिया। कई कक्षाएं भी इसकी चपेट में आ गईं। कंक्रीट की संरचना क्षतिग्रस्त हो गई और छात्रों के बैठने के लिए रखी गई डेस्क-बेंच, कुर्सियां और टेबल भी टूट गईं। इसके बाद हाथी ने रसोईघर में भी जमकर तोड़फोड़ की, जहां बर्तन और चूल्हे तक नष्ट कर दिए गए। उसी रात बामनडांगा चाय बागान के ‘हाथी लाइन’ क्षेत्र में एक अन्य हमले में दो घर और एक दुकान भी पूरी तरह ध्वस्त हो गए। एक परिवार किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहा।

गौरतलब है कि गोरुमारा और डायना जंगल से घिरे इस क्षेत्र में मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे स्थानीय लोग भयभीत हैं।

विद्यालय के प्रभारी शिक्षक राजा अंसारी ने कहा कि इस संस्था को बचाने के लिए चारों ओर गहरी खाई (परिखा) खोदना ही एकमात्र उपाय नजर आता है और वन विभाग को इस दिशा में जल्द पहल करनी चाहिए।

वहीं नागराकाटा के विद्यालय निरीक्षक विजय चंद्र राय ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी जा रही है।

गुरुवार सुबह जब छात्र और अभिभावक विद्यालय पहुंचे तो उसकी स्थिति देखकर वे बेहद दुखी और निराश हो गए।

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