सिलीगुड़ी : भारत-नेपाल सीमा के पानीटंकी इलाके में वन विभाग की जमीन पर कथित कब्जे को रोकने के लिए कर्शियांग वन विभाग ने अनोखी पहल शुरू की है।मनसाबस्ती से सटे वन विभाग की जमीन पर पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित कर करीब एक हेक्टेयर क्षेत्र में एक हजार पौधे लगाए गए। साथ ही जमीन की सुरक्षा के लिए फेंसिंग भी की गई। यह कार्यक्रम कर्शियांग वन विभाग और सिक्किम पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड के संयुक्त प्रयास से आयोजित हुआ। बताया गया कि पानीटंकी के सतीश चाय बागान की जमीन पर कब्जे के बाद मेची मार्केट विकसित होने का मामला सामने आया था। लीज से अधिक जमीन पर कब्जे के आरोप में तृणमूल कांग्रेस के श्रमिक नेता और बिजनेस वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हांडू उरांव की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। सतीश चाय बागान से सटे टुकरीझाड़ वन क्षेत्र का इलाका भी अब जमीन कब्जे की आशंका के दायरे में बताया जा रहा है। चाय बागान की जमीन के एक हिस्से में कब्जे के बाद मनसाबस्ती नाम से बस्ती विकसित हुई है। वन विभाग का कहना है कि अब वन भूमि पर भी कब्जे की कोशिशों को रोकना जरूरी है। कुछ समय पहले इलाके में वन भूमि पर मंदिर निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों और वनकर्मियों के बीच विवाद भी हुआ था। इसी को देखते हुए वन विभाग ने जमीन को सुरक्षित रखने के लिए पौधरोपण और फेंसिंग लगाने की योजना बनाई। हालांकि, इस दिन आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय लोगों ने हिस्सा नहीं लिया। कार्यक्रम में कर्शियांग के डीएफओ देवेश पांडे, सिक्किम पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड के सहायक महाप्रबंधक अयप्पा, एडीएफओ राहुलदेव मुखोपाध्याय, टुकूरियाझाड़ के रेंजर सूरज मुखिया समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अयप्पा ने बताया कि सिक्किम से बिहार के किशनगंज तक करीब 250 किलोमीटर लंबी विद्युत लाइन के जरिए बिजली आपूर्ति की जाती है। इसी के तहत कंपनी की कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी पहल के अंतर्गत पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। डीएफओ देवेश पांडे ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा और रखरखाव के लिए फेंसिंग भी की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि क्षेत्र में हरियाली बढ़ने के साथ वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जे को रोकने में भी मदद मिलेगी।