अलीपुरदुआर : पिकनिक की खुशियां अचानक चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गईं, जब पिकनिक से लौट रही एक बस अनियंत्रित होकर चीलापाता जंगल में घुस गई और एक विशाल पेड़ से जा टकराई। इस हादसे में कई यात्री घायल हुए हैं, हालांकि जलदापाड़ा वन विभाग की त्वरित और साहसिक कार्रवाई से बस में सवार लगभग 40 यात्रियों की जान बच गई। घटना शुक्रवार शाम की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक निजी बस दालसिंगपाड़ा से पिकनिक मनाकर चीलापाता जंगल के रास्ते कूचबिहार जिले के खागड़ाबाड़ी लौट रही थी। बस में कुल 40 यात्री सवार थे, जिनमें 17 नाबालिग बच्चे भी शामिल थे। चीलापाता जंगल क्षेत्र में घना कोहरा छाए रहने के कारण चालक ने संतुलन खो दिया और रास्ता भटकते हुए बस जंगल के भीतर चली गई। कुछ ही पलों में बस एक विशाल पेड़ से टक्करा गई। दुर्घटना के बाद जंगल के भीतर से यात्रियों की दर्दनाक चीखें सुनाई देने लगीं। जिस स्थान पर बस दुर्घटनाग्रस्त हुई, वह इलाका हाथी, बाइसन समेत अन्य जंगली जानवरों की आवाजाही के लिए जाना जाता है। ऐसे में यात्रियों को सुरक्षित निकालना वनकर्मियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया। सूचना मिलते ही जलदापाड़ा वन विभाग के कोदालबस्ती और चीलापाता रेंज कार्यालय के ड्यूटी पर तैनात वनकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे।
अंधेरे और संभावित वन्यजीव खतरे को देखते हुए सबसे पहले दुर्घटनास्थल को सुरक्षित किया गया। इसके बाद संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर यात्रियों को एक-एक कर बस से बाहर निकाला गया। इस बचाव कार्य में चीलापाता और कोदालबस्ती रेंज की कुल पांच सरकारी गाड़ियों का उपयोग किया गया।बघायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया, जबकि सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से चीलापाता रेंज कार्यालय और चेक पोस्ट तक पहुंचाया गया, जहां उनके लिए अस्थायी आश्रय की व्यवस्था की गई। वनकर्मियों की तत्परता, सूझबूझ और समन्वित प्रयासों के कारण रात के समय घने जंगल में एक बड़ा हादसा टल गया। यात्रियों और स्थानीय लोगों ने वन विभाग की भूमिका की सराहना की है।