सिलीगुड़ी

पत्रकार विजय बान्तवा और कथाकार शमशेर अली के निधन पर सिक्किम अकादमी ने जताया शोक

Abhijit Dey

गंगटोक : वरिष्ठ पत्रकार विजय बांतवा और नेपाली कथाकार शमशेर अली के निधन पर सिक्किम अकादेमी ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

सिक्किम अकादेमी के सचिव (भाषा एवं साहित्य) प्रद्युम्न श्रेष्ठ द्वारा सोमवार को जारी शोक संदेश में दोनों साहित्यकारों एवं सर्जकों के भारतीय नेपाली पत्रकारिता और साहित्य के क्षेत्र में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान को स्मरण किया गया।

वर्ष 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय विजय वान्तवा ने लंबे समय तक ‘हिमगिरी’ साप्ताहिक समाचारपत्र का संपादन किया। इसके बाद उन्होंने अंग्रेजी भाषा की समाचार पत्रिका ‘स्नोलाइन’ का भी संपादन किया। उनकी प्रकाशित कृतियों में ‘पत्रकारिताका पक्षहरू’ तथा एक कविता संग्रह शामिल हैं। अंग्रेजी भाषा पर भी अच्छी पकड़ रखने वाले वान्तवा को प्रेस क्लब ऑफ सिक्किम द्वारा वर्ष 2011 में प्रतिष्ठित ‘कंचनजंघा कलम पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया था।

इसी तरह, लंबे समय से नेपाली कथा लेखन में सक्रिय रहे शमशेर अली की प्रकाशित कृतियों में ‘बिउभाले’ (2010), ‘सोल्दाती गोर्खा मोल्तो ब्योनी’, ‘हुट्टिट्याउँ’, ‘आफ्रीन’, ‘मामा’ और ‘अब्बुई’ प्रमुख हैं। अकादेमी के अनुसार, उनका अंतिम कथा संग्रह ‘द लास्ट डान्स’ था।

अकादेमी ने कहा कि भारतीय नेपाली साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले दोनों सर्जकों का निधन साहित्यिक एवं पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। इस दुख की घड़ी में अकादेमी ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।

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