क्षतिग्रस्त पाइप की मरम्मत करते कर्मचारी 
सिलीगुड़ी

अमृत जलापूर्ति संकट से जलपाईगुड़ी में हाहाकार

अमृत परियोजना की पाइपलाइन में खराबी से जलापूर्ति प्रभावित, 10 सितंबर से शहर में शुद्ध पेयजल आपूर्ति बंद थी

Gayetri Yadav

जलपाईगुड़ी: जलपाईगुड़ी शहर में अमृत परियोजना की पाइपलाइन में खराबी के कारण पिछले गुरुवार से पेयजल आपूर्ति प्रभावित रही। दो पाइपों में खराबी आने के बाद रविवार तक शहर में अमृत परियोजना का शुद्ध पेयजल पूरी तरह बंद रहा। नगर पालिका के जलापूर्ति विभाग और म्यूनिसिपल इंजीनियरिंग विभाग के संयुक्त प्रयास से सोमवार को एक पाइप की मरम्मत पूरी कर मंगलवार से करीब 10 हजार घरों में जलापूर्ति शुरू की गई। दूसरे पाइप की मरम्मत का काम मंगलवार रात तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद बुधवार से शेष करीब 4 हजार घरों में भी जलापूर्ति सामान्य होने की संभावना है। अमृत परियोजना के तहत तीस्ता नदी से पानी उठाकर एक्वाफायर में संग्रहित किया जाता है। इसके बाद पानी को बालापाड़ा स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भेजा जाता है, जहां शोधन के बाद दो बड़े लोहे के पाइपों के जरिए शहर के जलाशयों तक पहुंचाया जाता है। यहां से नगर पालिका के 25 वार्डों में से 21 वार्डों के करीब 14 हजार घरों में पेयजल की आपूर्ति की जाती है। बताया गया कि बालापाड़ा में जलाशय के भीतर बिछाई गई इन दोनों पाइपलाइनों में से एक में छेद हो गया था। क्षतिग्रस्त पाइप के दबाव के कारण दूसरी पाइप का जोड़ भी खुल गया। इसके बाद गुरुवार, 10 सितंबर से शहर में अमृत परियोजना के तहत शुद्ध पेयजल आपूर्ति बंद कर दी गई थी। इस बीच जलपाईगुड़ी नगर पालिका में प्रशासनिक स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अदालत के निर्देश पर सदर महकमा शासक को नगर पालिका के प्रशासक पद से हटाए जाने के बाद फिलहाल नगर पालिका में निर्वाचित बोर्ड नहीं है। आरोप है कि चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले पार्षद भी अब तक बोर्ड बैठक नहीं बुला रहे हैं। ऐसे में शहर में इतने बड़े जल संकट के बावजूद प्रशासन और पार्षदों की ओर से सक्रिय पहल नहीं किए जाने को लेकर नागरिकों में नाराजगी है। नगर पालिका के जलापूर्ति विभाग के इंजीनियर सुब्रत बागची ने बताया कि एक पाइप की मरम्मत पूरी होने के बाद करीब 10 हजार घरों में जलापूर्ति सामान्य हो गई है। दूसरे पाइप की मरम्मत का काम जारी है और मंगलवार रात तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद बुधवार से बाकी करीब 4 हजार घरों में भी अमृत परियोजना का पानी पहुंचाया जा सकेगा।

प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता पर नागरिकों में नाराजगी

शहर के 8 नंबर वार्ड के निवासी विजय सरकार और 11 नंबर वार्ड के संतोष साहा ने बताया कि कई दिनों से लोगों को भारी जल संकट का सामना करना पड़ा। अब कुछ इलाकों में पानी मिलने लगा है। नागरिकों का आरोप है कि अमृत परियोजना की जलापूर्ति बंद रहने के बावजूद समस्या को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों में अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखी। अमृत परियोजना का पानी केवल नगर पालिका क्षेत्र तक सीमित नहीं है। पहाड़पुर पंचायत के सर्किट बेंच से सटे इलाकों, खड़िया पंचायत के कुछ हिस्सों सहित जुबली पार्क के 4 नंबर तीस्ता-करला नदी स्पर इलाके के कई पंचायत क्षेत्रों में भी इसकी आपूर्ति होती है। इसके अलावा शहर की सड़कों के किनारे लगे करीब 2,500 सार्वजनिक नलों से भी लोग पानी लेते हैं। फ्लैट और कम्युनिटी कॉम्प्लेक्स में रहने वाले लोग भी इस जलापूर्ति पर निर्भर हैं। सोमवार से करीब 10 हजार घरों और पंचायत के कुछ इलाकों में पानी पहुंचना शुरू हो गया है, जबकि दूसरे पाइप की मरम्मत पूरी होने के बाद बुधवार से शेष 4 हजार घरों में भी आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है।

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