सिलीगुड़ी

गंगटोक में एनपीएस जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

Abhijit Dey

गंगटोक: इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स और पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को गंगटोक के रामाडा बाय विंडहैम होटल में ‘रिटायर स्मार्ट इंडिया – एनपीएस जरूरी है 2.0’ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य में सेवानिवृत्ति योजना और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा नागरिकों, उद्यमियों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों और अन्य हितधारकों की पेंशन व्यवस्था में भागीदारी को प्रोत्साहित करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत आईसीसी के पूर्वोत्तर क्षेत्रीय निदेशक ईशांतर सोभापंडित के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने व्यवसायिक समुदाय और अन्य हितधारकों के बीच दीर्घकालिक वित्तीय योजना तथा सेवानिवृत्ति की तैयारी को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

पीएफआरडीए के सहायक महाप्रबंधक रूबी विनायक भाओसागर ने मुख्य वक्तव्य देते हुए भारत में बदलते पेंशन परिदृश्य और एनपीएस के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने एनपीएस को लचीली, डिजिटल और बाजार आधारित सेवानिवृत्ति योजना के विकल्प के रूप में रेखांकित किया।

उन्होंने बताया कि 30 अगस्त 2026 तक एनपीएस के 9.93 करोड़ से अधिक ग्राहक हैं और इसके तहत प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां 17.26 लाख करोड़ रुपये से अधिक हैं। उन्होंने कहा कि एनपीएस में बढ़ती भागीदारी दीर्घकालिक और व्यवस्थित सेवानिवृत्ति योजना के महत्व को दर्शाती है।

भाओसागर ने पेंशन व्यवस्था को अधिक सुलभ और सुविधाजनक बनाने के लिए किए गए विभिन्न सुधारों की भी जानकारी दी। इनमें अधिकतम प्रवेश आयु को 85 वर्ष तक बढ़ाना, निकासी प्रावधानों को सरल बनाना और डिजिटल प्रक्रियाओं का विस्तार शामिल है।

कार्यक्रम में एमएसएमई, उद्यमियों, महिलाओं, गिग वर्कर्स, किसानों और कॉरपोरेट क्षेत्र सहित समाज के विभिन्न वर्गों तक पेंशन कवरेज बढ़ाने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने सिक्किम के बढ़ते एमएसएमई और उद्यमिता क्षेत्र में संरचित सेवानिवृत्ति योजना के महत्व को रेखांकित किया।

सिक्किम सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की एमएसएमई डिवीजन की सहायक निदेशक बिमला छेत्री ने एमएसएमई और उद्यमियों के बीच पेंशन जागरूकता तथा वित्तीय तैयारी के महत्व पर विचार रखे। वहीं, वित्त विभाग के पीजीआईपीएफ के उप निदेशक टेम्पो भूटिया ने नागरिकों के बीच पेंशन जागरूकता और वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

पीएफआरडीए के प्रबंधक निशांत आनंद ने ‘एनपीएस एक सेवानिवृत्ति लाभ योजना के रूप में’ विषय पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने एनपीएस की प्रमुख विशेषताओं, लाभों और व्यक्तियों तथा कॉरपोरेट क्षेत्र के लिए इसकी उपयोगिता की जानकारी दी।

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