सिलीगुड़ी : भाजपा के दिग्गज नेता व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि, 'उत्तर बंगाल के साथ ममता बनर्जी ने अन्याय किया है। राज्य का बजट 3,67000 करोड़ रुपये का होता है और उत्तर बंगाल को सिर्फ 861 करोड़ रुपये दिया जाता है। यह बजट का 0.25 प्रतिशत हुआ। इससे ज्यादा तो मोदी जी ने उत्तर बंगाल के लिए दिया है। बंगाल में उत्तर बंगाल का क्षेत्र 24 प्रतिशत है। इसे राज्य बजट का कम से कम 25 प्रतिशत मिलना चाहिए। दीदी की नजर में उत्तर बंगाल सिर्फ सोने का अंडा देने वाली मुर्गी है। पर, अब दीदी की नहीं चलेगी। टाटा, बाय-बाय। उन्हें आने वाले अप्रैल में जाना होगा। 2026 बंगाल के लिए परिवर्तन का वर्ष साबित होने वाला है।'
वह शनिवार को बागडोगरा में एयरपोर्ट अथॉरिटी के मैदान में आयोजित भाजपा के सिलीगुड़ी प्रभाग के कार्यकर्ता सम्मेलन को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि, 'कट मनी व सिंंडिकेट से उतर बंगाल के साथ-साथ पूरा बंगाल परेशान है। बंगाल में घुसपैठ का मुद्दा केवल बंगाल की सुरक्षा ही नहीं बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा का भी मुद्दा बन गया है। यहां घुसपैठियों का प्रमाण पत्र बना दिया जाता है और फिर वे देश भर में फैल कर राष्ट्र की सुरक्षा के लिए खतरा बन जाते हैं। ममता दीदी केवल घुसपैठ रोकने को बाड़ बनाने के लिए ही भूमि नहीं दे रहीं बल्कि उत्तर बंगाल में एम्स के लिए भी जमीन नहीं दे रही हैं। रोक कर बैठी हुई हैं। एयरपोर्ट व रेलवे का प्रोजेक्ट रोक कर बैठी हैं। मोदी जी ने चाय बागानों के लिए जो किया वह असम में हो गया लेकिन यहां बंगाल में नहीं क्योंकि ममता बनर्जी चाय बागान मजदूरों को भूमि की जगह माचिस की डिब्बी जैसा घर देना चाहती हैं। भाजपा चाय बागानों के मजदूरों को उनकी पुश्तैनी जितनी जमीन है उतने का मालिकाना हक देगी। यहां चाय बागानों को प्राइवेट कंपनियों को दे देने का भी बहुत बड़ा षडयंत्र चल रहा है। उत्तर बंगाल की पहाड़ियों को भी काटने का काम ममता करवा रही हैं। भाजपा की सरकार आएगी तो यह सब रोक देगी।'
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को आड़े हाथों लेते हुए अमित शाह ने कहा कि, 'मां-माटी-मानुष का नारा देकर बंगाल की सत्ता में आई ममता दीदी ने मां को असुरक्षित कर दिया, माटी पूरी घुसपैठिए कब्जाए हुए हैं और मानुष भयभीत हैं। कट मनी व सिंडिकेट राज का आतंक है। ट्राइबल सांसद को सरेआम पीटा जाता है। गोरखा भाइयों पर सैकड़ों केस दर्ज कर उनसे वार्ता करने के बजाय उन्हें परेशान किया जाता है। राजवंशी, कुर्मी, आदिवासी, बिहारी, बंगाली कोई मानुष भी सुरक्षित नहीं है, सभी भयभीत हैं। बंगाल को तहस नहस करके रख दिया है। ममता दीदी से अच्छे तो कम्युनिस्ट थे।'
अमित शाह ने यह भी कहा कि, 'यह जो सिलीगुड़ी का क्षेत्र है, पूरा देश इसे बहुत प्यार करता है। क्योंकि, यह पूर्वोत्तर भारत का प्रवेशद्वार है। कुछ दिन पहले दिल्ली में कुछ लोगों ने नारे लगाए कि चिकेन नेक को हम काट देंगे। क्यों भाई? कैसे काटोगे? पिता की जमीन है? यह भारत की जमीन है, इसे कोई हाथ नहीं लगा सकता है। दिल्ली पुलिस से कह कर उन लोगों को हमने जेल की सलाखों के पीछे करवा दिया। मगर, इंडी वाले उन्हें छुड़ाने के लिए लगे हुए हैं। पर, सच की जीत होती है। सुप्रीम काेर्ट तक ने उन्हें रिहाई नहीं दी।'
भाजपा नेता ने भाजपा कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि, 'भाजपा सभा, रैली व रोड शो से नहीं जीती है। भाजपा को बूथ का कार्यकर्ता जिताता है। मेरा बूथ, सबसे मजबूत मंत्र को साकार करते हुए हमने इसे आगे बढ़ाने का काम किया है। बूथ का सशक्तीकरण हमारे विजय का मंत्र है। सभी कार्यकर्ता भाईयों, बहनों व बंगाल की जनता से करबद्ध विनती है, आपने कम्युनिस्टों को तीन दशक दिया, 2011 से 2025 ममता को भी दिया, किसी ने भला नहीं किया। एक मौका भाजपा को दे दीजिए, विवेकानंद, टैगोर व बंकिम के सपनों का सोनार बांग्ला बना कर देंगे। जहां घुसपैठ नहीं होगी। एक-एक घुसपैठिया को चुन-चुन कर वापस भेजेंगे। इंडस्ट्री स्थापित करेंगे। नौकरी भ्रष्टाचार के बिना मिलेगी। युवाओं को, आपको अभी सोना नहीं है। अपना एक-एक पल भाजपा व बंगाल को समर्पित करना है। सारे मतभेद भूल कर, एकजुट हो कर बंगाल को जीतना है।' उन्होंने सभी के दोनों हाथ ऊपर उठवा कर भारत माता की जय, वंदे मातरम्, व जय श्री राम के नारों के साथ इसका संकल्प भी करवाया।