नागराकाटा : वाम मोर्चा शासन के लंबे दौर के बाद डुआर्स के अपर चेंगमारी चाय बागान में बुधवार को पहली बार माकपा समर्थित श्रमिक संगठन के अलावा किसी अन्य श्रमिक संगठन की ओर से गेट मीटिंग आयोजित की गई। भारतीय टी वर्कर्स यूनियन (बीटीडब्ल्यूयू) की ओर से करीब 49 वर्ष बाद आयोजित इस सभा को लेकर चाय बागान क्षेत्र में श्रमिक राजनीति को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। बीटीडब्ल्यूयू के केंद्रीय उपाध्यक्ष अमरनाथ झा ने सभा को संबोधित किया। इस दौरान अपर चेंगमारी डिवीजन के संगठन के यूनिट अध्यक्ष रोहित प्रधान, सचिव अंकित उरांव, शंकर छेत्री, उमिद कछुआ समेत अन्य श्रमिक नेता मौजूद हुए। सभा में चाय श्रमिकों के विभिन्न अधिकारों और मांगों पर चर्चा की गई। विशेष रूप से इस वर्ष श्रमिकों को 20 प्रतिशत बोनस देने के संबंध में सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी तथा चार्टर ऑफ डिमांड में शामिल श्रमिकों के हक और अधिकारों से जुड़ी मांगों की जानकारी दी गई। श्रमिकों को संबोधित करते हुए अमरनाथ झा ने कहा कि अपर चेंगमारी के लिए बुधवार का दिन ऐतिहासिक है। उनके अनुसार, वाम मोर्चा शासन के बाद पहली बार यहां किसी गैर-वाम श्रमिक संगठन की ओर से गेट मीटिंग आयोजित हुई है। उन्होंने दावा किया कि यह चाय बागान क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे वाम समर्थित श्रमिक संगठन के प्रभाव में बदलाव के संकेत हैं। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को सरकार की ओर से 20 प्रतिशत बोनस को लेकर जारी एडवाइजरी की जानकारी दी गई है। इसके अलावा चार्टर ऑफ डिमांड के तहत श्रमिकों की विभिन्न मांगों और अधिकारों से भी उन्हें अवगत कराया गया। उन्होंने श्रमिकों के हक और अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन को मजबूत करने तथा आने वाले दिनों में श्रमिकों को एकजुट कर उनकी मांगों को उचित मंच पर उठाने की बात कही। अपर चेंगमारी चाय बागान में हुई इस गेट मीटिंग को स्थानीय राजनीतिक और श्रमिक संगठनों के बीच महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। लंबे अंतराल के बाद गैर-वाम श्रमिक संगठन की सक्रियता से क्षेत्र की श्रमिक राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है।