इरफान-ए-आजम, सिलीगुड़ी : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव-2026 में प्रचंड बहुमत पा कर राज्य में पहली बार भाजपा सरकार बनी है। इस नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह शनिवार 9 मई को राजधानी कोलकाता के ब्रिगेड मैदान में भव्य रूप में आयोजित हुआ। इसमें राज्य के राज्यपाल आर.एन. रवि ने नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। उनके साथ ही अन्य पांच कैबिनेट मंत्रियों को भी शपथ दिलाई गई। उनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया व खुदीराम टुडू के साथ ही साथ उत्तर बंगाल से इकलौते निशीथ प्रामाणिक शामिल रहे जो कि कूचबिहार के माथाभांगा से विधायक हैं। जबकि, अन्य कैबिनेट मंत्रियों व राज्यमंत्रियों को बाद में लोकभवन में अथवा विधानसभा में शपथ दिलाई जाएगी। उसके बाद ही मंत्रियों के विभागों की आधिकारिक घोषणा होगी।
कौन हैं निशीथ प्रामाणिक?
निशीथ प्रामाणिक जिकनी उम्र 40 वर्ष है, वह वर्तमान में कूचबिहार के माथाभांगा से नवनिर्वाचित विधायक और पश्चिम बंगाल राज्य की नई भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। इससे पूर्व वह 2019 से 2024 तक केंद्र की भाजपा नीत मोदी सरकार 2.0 में कूचबिहार से सांसद, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री, एवं युवा कल्याण मामलों व खेल मंत्रालय के केंद्रीय राज्यमंत्री रह चुके हैं। 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अपने गृह क्षेत्र कूचबिहार के दिनहाटा से पहली बार वह विधायक निर्वाचित हुए थे। मगर, उस समय चूंकि राज्य में तृणमूल कांग्रेस की सरकार आई इसलिए उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया और सांसद व केंद्रीय राज्यमंत्री के पद पर बरकरार रहे। फिर, 2024 के लोकसभा चुनाव में भी वह कूचबिहार से भाजपा के सांसद उम्मीदवार हुए लेकिन तृणमूल कांग्रेस के जगदीश चंद्र बर्मा बासुनिया के हाथों हार गए। उसके बाद से वह भाजपा के सांगठनिक कार्यों में लगे रहे। इधर, हालिया विधानसभा चुनाव-2026 में पुन: विधायक निर्वाचित हुए एवं राज्य की नई भाजपा सरकार के कैबिनेट मंत्री बने। उल्लेखनीय है कि, निशीथ प्रामाणिक ने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत तृणमूल कांग्रेस के झंडे तले की थी। वह कूचबिहार जिला तृणमूल युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रहे थे। उसी समय पार्टी के अंदरूनी मतभेदों के चलते बगावत करते हुए उन्होंने तृणमूल कांग्रेस को छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया।
सिलीगुड़ी को मिल सकती है वरीयता
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य की नई भाजपा सरकार में उत्तर बंगाल की अघोषित राजधानी सिलीगुड़ी को वरीयता मिल सकती है। यहां से लगातार दूसरी बार भाजपा विधायक निर्वाचित शंकर घोष का नए मंत्रीमंडल में मंत्री बनना तय है। उन्हें उत्तर बंग उन्नयन विभाग या शिक्षा विभाग दिया जा सकता है। वहीं, सिलीगुड़ी महकमा से ही आरएसएस पृष्ठभूमि वाले युवा और माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी से लगातार दूसरी बार व इस बार तो राज्य भर में रिकॉर्ड सर्वाधिक 1,04,265 वोटों के अंतर से भाजपा विधायक निर्वाचित आनंदमय बर्मन और सिलीगुड़ी नगर निगम से संबद्ध जलपाईगुड़ी जिला के डाबग्राम-फूलबाड़ी से लगातार दूसरी बार भाजपा विधायक निर्वाचित शिखा चटर्जी को भी राज्य की नई सरकार के मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।
उत्तर बंगाल से संभावित मंत्री
शंकर घोष - विधायक, सिलीगुड़ी
दीपक बर्मन - विधायक, फालाकाटा
आनंदमय बर्मन - विधायक, माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी
शिखा चटर्जी - विधायक, डाबग्राम-फूलबाड़ी
गोपाल चंद्र साहा - विधायक, मालदह
कौशिक चौधुरी - विधायक, रायगंज
शुक्रा मुंडा - विधायक, नागराकाटा
(नोट : राज्यमंत्रियों के हिसाब से यह संख्या और बढ़ सकती है)