गंगटोक: साहित्य अकादेमी, नई दिल्ली और नेपाली साहित्य परिषद, सिक्किम के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को नेपाली साहित्य परिषद भवन में ‘नारी चेतना एवं नेपाली कवियों के साथ भेंट’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम दो सत्रों में हुआ। पहले सत्र की अध्यक्षता साहित्य अकादेमी की नेपाली भाषा परामर्श समिति के संयोजक शंकरदेव ढकाल ने की। उन्होंने कहा कि नारी चेतना महिलाओं के अधिकार, सम्मान, अस्तित्व और स्वतंत्रता की पहचान से जुड़ी है। शिक्षा और आत्मनिर्भरता के माध्यम से महिलाओं को अपनी क्षमता विकसित करने के अवसर मिलने चाहिए। इस दौरान जी. एस. सुब्बा ने स्वागत वक्तव्य दिया। कवि दीपा राई, साहित्यकार उषा शर्मा और अनिता निरौला ने सिक्किमेली महिला कवियों, पत्रकारों और नेपाली भाषी नारीवादी लेखकों के योगदान एवं इतिहास पर शोधपत्र प्रस्तुत किए। दूसरे सत्र में नेपाली साहित्य परिषद के अध्यक्ष हरि ढुंगेल की अध्यक्षता में कवि गोष्ठी हुई। इसमें उपासना शर्मा, सुमन दर्नाल, अविगेल राई, सविना राई, जीवन छेत्री और बिमला लुइटेल ने कविताएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम का संचालन भक्ति शर्मा ने किया।