सिलीगुड़ी : वित्त वर्ष 2026-2027 के लिए सिलीगुड़ी नगर निगम का 638.42 करोड़ रुपये का प्रस्तावित बजट सोमवार को ध्वनि मत से पारित हो गया। मेयर गौतम देव ने बीते शुक्रवार को सदन में इस बजट को पेश किया था। इस पर सोमवार को सदन में चर्चा हुई। पक्ष एवं विपक्ष के पार्षदों ने अपने-अपने विचार रखे। अंत में ध्वनि मत से यह बजट पारित हो गया।
इस बजट पर विचार व्यक्त करते हुए सिलीगुड़ी नगर निगम के माकपा परिषदीय दल के नेता मुंशी नूरुल इस्लाम ने कहा कि, यह बजट केवलमात्र डीपीआर का बजट है। डीपीआर यानी ड्राफ्ट प्रोजेक्ट रिपोर्ट। बजट में देखें तो विकास की कई बड़ी-बड़ी बातें की गई हैं लेकिन उसके बारे में कहा क्या गया है कि, इतने करोड़ की विकास योजना की ड्राफ्ट प्रोजेक्ट रिपोर्ट सरकार को भेजी गई है। ज्यादातर योजनाओं के बारे में ऐसा ही कहा गया है। इसमें नगर निगम का अपना क्या है? कुछ है ही नहीं। यह बस डीपीआर का बजट है।
वहीं, नेता विपक्ष व भाजपा परिषदयी दल के नेता अमित जैन ने कहा कि, संशोधित बजट 10,84,00,000 रुपये के घाटे का बजट पेश किया गया। गत वित्त वर्ष 2025-2026 के लिए संशोधित बजट 456.98 करोड़ रुपये का था। उसे पूरा कर पाने में विफल रहा बोर्ड एकबागरी ही 638.42 करोड़ रुपये का बजट ले आया। उसमें भी नगर निगम के अपने स्त्रोत के बलबूते नहीं बल्कि केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के भरोसे। यह वास्तविकता से परे काल्पनिक एवं दिशाहीन बजट है।
जबकि, डिप्टी मेयर रंजन सरकार ने कहा कि, हमारे बोर्ड से पहले इतने बड़े बजट की कल्पना भी नहीं की जा सकता थी। उस समय 100-200 करोड़ रुपये तक ही मामला पहुंच पाया था। हम लोगों ने तो बीते वित्त वर्ष में ही 450 करोड़ रुपये से अधिक की वास्तविकता सिद्ध कर दी। अब और दूरदर्शिता के साथ हमारे मेयर ने 638.42 करोड़ रुपये का बजट पेश किया जो पारित हुआ। इसमें हर एक पहलू का ध्यान रखा गया है। आधारभूत संरचनात्मक विकास से लेकर आम बुनियादी नागरिक परिसेवा व समाज कल्याण, सब कुछ। यह शहर के चहुंमुखी विकास वाला दूरदर्शी बजट है।
इस बजट के जवाबी अभिभाषण में मेयर गौतम देव ने नगर निगम के पूर्व के वाममोर्चा बोर्ड को इंगित करते हुए कहा कि, वित्त वर्ष 2018-19 में 309.47 करोड़ का बजट पेश हुआ था जो वास्तव में 139.24 करोड़ तक ही पहुंच पाया, मात्र 45 प्रतिशत उपलब्धि हुई। उसके बाद भी 50-55 प्रतिशत तक की ही उपलब्धि हो पाई। हमारे बोर्ड ने अपने पहले ही वित्त वर्ष 2021-22 में 89 प्रतिशत की उपलब्धि पाई। गत वित्त वर्ष की तुलना में इस वर्ष हम लोगों ने बजट में कुछ कमी। इस पर लोग सवाल उठा रहे हैं। मगर, समझना चाहिए कि, बजट को वास्तविकता के धरातल व भविष्य को ध्यान में रख कर ही तैयार किया जाता है। यह बजट जनकल्याण का बजट है।
उन्होंने यह भी कहा कि, नगर निगम के कर्मचारियों के वेतन में 4 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इधर, हाल ही में 3 प्रतिशत वृद्धि पहले ही हो चुकी है। वहीं, वर्तमान बोर्ड से पहले जब प्रशासकीय समिति थी तब एकमुश्त 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। इस प्रकार गत छह वर्षों के अंदर कर्मचारियों के वेतन में कुल मिला कर 17 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। ऐसे ही अनुबंध के आधार पर काम करने वाले अस्थायी कर्मियों के वेतन में भी उनकी सेवा के वर्षों के एवं आरंभ के वतन के आधार पर वृद्धि की गई है। शहर में सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए वाहनों की संख्या 87 से बढ़ा कर 274 की गई है। जल निकासी व्यवस्था के लिए 65 करोड़ रुपये खर्च का लक्ष्य है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या 10 से बढ़ा कर 24 की गई है। पेयजल आपूर्ति की मेगा परियोजना है। डाबग्राम में मातृसदन के पास 30 बेड का नया अस्पताल कायम किया जाएगा। वहीं, मातृसदन में ही दिन-रात लगातार 24x7 दवा दुकान कायम की जाएगी। नगर निगम मुख्यालय में सिलीगुड़ी म्यूजियम कायम होगा। महानंदा नदी पर छठ पूल व सड़क निर्माण की 97.82 करोड़ की योजना है। छठ घाट व छठ घाट की सड़कों अन्य अनेक योजनाएं हैं जो शहर के चहुंमुखी विकास एवं शहरवासियों के कल्याण की पूरक होंगी।