गंगटोक : सिक्किम के लोकसभा सांसद डॉ. इंद्रहांग सुब्बा ने सोमवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर हिमालयी राज्य, विशेषकर उत्तर सिक्किम में जलवायु-सक्षम, सुरक्षित और वैज्ञानिक रूप से नियोजित सड़क बुनियादी ढांचे के विकास की आवश्यकता पर चर्चा की। मुलाकात के दौरान सांसद सुब्बा ने सिक्किम के संवेदनशील हिमालयी भूभाग में सीमा सड़कों के निर्माण और रखरखाव के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों से रक्षा मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने उत्तर सिक्किम के लिए ऐसे जलवायु-सक्षम राजमार्ग विकसित करने का आग्रह किया, जो भूस्खलन, अचानक आने वाली बाढ़ और अन्य चरम मौसमी घटनाओं के बावजूद हर मौसम में विश्वसनीय सड़क संपर्क सुनिश्चित कर सकें।
सुब्बा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण क्षेत्र की प्राकृतिक आपदाओं के प्रति बढ़ती संवेदनशीलता को देखते हुए सड़क और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की योजना बनाते समय जलवायु लचीलापन तथा स्थानीय भू-भाग की विशेषताओं को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रमुख राजमार्ग परियोजनाओं के निर्माण से पहले व्यापक भूवैज्ञानिक और भू-तकनीकी अध्ययन कराने पर भी जोर दिया। उनके अनुसार, परियोजना के शुरुआती चरण में भूभाग की प्रकृति, ढलानों की स्थिरता, भूवैज्ञानिक संरचना और जल निकासी व्यवस्था का विस्तृत आकलन किया जाना चाहिए। इससे सड़क परियोजनाओं की सुरक्षा, मजबूती और दीर्घकालिक स्थायित्व सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। सांसद ने कहा कि हाल के वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं से मिले अनुभवों ने विशेष रूप से सिक्किम की रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीमा सड़कों के लिए विज्ञान आधारित और जलवायु-सक्षम बुनियादी ढांचा योजना अपनाने की आवश्यकता को और स्पष्ट किया है।
हिमालय में बुनियादी ढांचे का निर्माण पहाड़ों के साथ तालमेल रखते हुए होना चाहिए, उनके विरुद्ध नहीं
सांसद ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के लगातार सहयोग तथा सिक्किम की रणनीतिक संपर्क व्यवस्था और बुनियादी ढांचे की जरूरतों पर सकारात्मक विचार के लिए आभार व्यक्त किया। सुब्बा ने उम्मीद जताई कि सीमा सड़क नेटवर्क को मजबूत करने और सिक्किम में सुरक्षित एवं टिकाऊ संपर्क व्यवस्था विकसित करने के लिए केंद्र का सहयोग आगे भी जारी रहेगा। सांसद इंद्रहांग सुब्बा ने कहा, हिमालय में बुनियादी ढांचे का निर्माण पहाड़ों के साथ तालमेल रखते हुए होना चाहिए, उनके विरुद्ध नहीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सिक्किम में भविष्य की प्रमुख राजमार्ग परियोजनाओं का अभिन्न हिस्सा उचित भू-तकनीकी आकलन, वैज्ञानिक योजना और जलवायु लचीलापन होना चाहिए।