गेजिंग: सिक्किम के सड़क एवं पुल विभाग के मंत्री एन.बी. दाहाल ने बुधवार को गेजिंग जिले में अपने क्षेत्रीय दौरे के तीसरे दिन विभिन्न चल रहे सड़क एवं बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए बाधाओं को दूर कर परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर तेनजिंग डी. डेंजोंगपा, प्रधान मुख्य अभियंता एम.के. राई सहित सड़क एवं पुल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि, संबंधित ठेकेदार और स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मंत्री दाहाल ने सबसे पहले चांगे वाटर फॉल्स के समीप स्थित पुल का निरीक्षण कर उसकी वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पुल के तत्काल नवीनीकरण और सौंदर्यीकरण की आवश्यकता की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसके बाद उन्होंने उत्तरे-सोपाखा सड़क का दौरा किया और स्थानीय लोगों से बातचीत कर सड़क संपर्क तथा चल रहे कार्यों से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने देंताम पुल के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया और कार्य की प्रगति तथा निर्माण में आ रही बाधाओं की समीक्षा की। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों और कार्यान्वयन एजेंसियों को बाधाओं का शीघ्र समाधान कर कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया।
मंत्री ने कॉलेज नदी पर स्टील पुल तथा नदी किनारे निर्मित कंक्रीट दीवारों को समय पर पूरा करने के लिए जमीनी स्तर के अधिकारियों के प्रयासों की सराहना भी की।
उन्होंने सिंगशोर पुल के ऊपर उत्तरे-सोपाखा डायवर्जन सड़क के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। इसके अलावा सोपाखा से भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र चिवाभंज्यांग की ओर जाने वाली सड़क निर्माण परियोजना का जायजा लिया और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों तथा आम लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।
इस दौरान मंत्री दाहाल ने लंबित कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए स्थानीय जनता और संबंधित हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार है, लेकिन विकास कार्यों में अब और देरी नहीं होनी चाहिए।
मंत्री ने संबंधित विभागों, कार्यान्वयन एजेंसियों और ठेकेदारों के बीच करीबी समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं, गुणवत्ता मानकों को बनाए रखा जाए और आम जनता की आवाजाही में होने वाली असुविधा को न्यूनतम रखा जाए।