सिलीगुड़ी
दार्जिलिंग से जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी) को सिलीगुड़ी या उसके आसपास स्थानांतरित करने के प्रस्ताव के खिलाफ दार्जिलिंग के वकीलों ने विरोध शुरू कर दिया है। दार्जिलिंग बार एसोसिएशन ने बुधवार से न्यायिक कार्यवाही से अलग रहने का निर्णय लिया है। एसोसिएशन ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए इसे स्थानीय बार से बिना परामर्श किए लिया गया कदम बताया है।
जानकारी के अनुसार, 27 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल के डायरेक्टरेट ऑफ चाइल्ड राइट्स एंड ट्रैफिकिंग की ओर से दार्जिलिंग के जिलाधिकारी को एक पत्र भेजा गया था। इसमें जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को दार्जिलिंग जिला अदालत परिसर से हटाकर सिलीगुड़ी या उसके आसपास स्थानांतरित करने की संभावनाओं पर विचार करने को कहा गया था। इसके पीछे लॉजिस्टिक समस्याओं और भौगोलिक चुनौतियों का हवाला दिया गया था।
इस प्रस्ताव के सामने आने के बाद दार्जिलिंग बार एसोसिएशन ने इसका विरोध किया। एसोसिएशन ने जिला अदालत के साथ रजिस्ट्रेशन विभाग, कंज्यूमर फोरम और जिला भूमि एवं भूमि सुधार कार्यालय में भी न्यायिक कार्यवाही से अलग रहने का निर्णय लिया है।
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रणय राय ने कहा कि यदि दार्जिलिंग में आधारभूत सुविधाओं की कमी है तो सरकार को उसे दूर करना चाहिए। बोर्ड को सिलीगुड़ी स्थानांतरित करना समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर स्थानीय बार एसोसिएशन से कोई परामर्श नहीं किया गया। एसोसिएशन की आम सभा ने भी प्रस्ताव की निंदा की है।
बार एसोसिएशन ने 7 नवंबर को स्थिति की समीक्षा कर आगे की रणनीति तय करने की बात कही है।