अलीपुरदुआर : समाज से बाल विवाह, बाल शोषण और तस्करी जैसी गंभीर बुराइयों को खत्म करने के उद्देश्य से अलीपुरदुआर दो नंबर ब्लॉक के चापरेरपाड़ एक ग्राम पंचायत कार्यालय में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। 'कोशी लोक मंच' नामक एक गैर-सरकारी संगठन की पहल पर आयोजित इस शिविर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्यों और किशोरियों ने बड़ी संख्या में स्वेच्छा से भाग लिया। शिविर में मुख्य वक्ता के रूप में अलीपुरदुआर महिला थाने की अधिकारी तृष्णा लिंबू उपस्थित रहीं।उन्होंने अपनी चर्चा में पॉक्सो अधिनियम पर विशेष जोर दिया। पुलिस अधिकारी लिंबू ने इस अधिनियम की विभिन्न धाराओं के बारे में विस्तार से बताया और बाल सुरक्षा में इसके महत्व को रेखांकित किया, उन्होंने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आम जनता और विशेष रूप से आंगनबाड़ी तथा आशा कार्यकर्ताओं जैसी समाज की अग्रिम पंक्ति की कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि, "बच्चों पर किसी भी तरह के शोषण या अत्याचार की घटना देखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।
समाज के हर नागरिक की जागरूक भूमिका बच्चों को सुरक्षित रखने में मदद करेगी।" वहीं इस दिन के कार्यक्रम में चापरारपाड़ा एक ग्राम पंचायत की प्रधान माधवी दास अधिकारी और सचिव स्वरोज चक्रवर्ती आदि भी उपस्थित थे। उन्होंने अपने संबोधनों में बाल विवाह और महिला शोषण के सामाजिक और व्यक्तिगत दुष्परिणामों को मजबूती से उजागर किया। प्रधान माधवी दास अधिकारी ने कहा, "बाल विवाह सिर्फ एक लड़की की जिंदगी बर्बाद नहीं करता, बल्कि यह एक परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिरता को भी कमजोर करता है।"
इस विषय पर संगठन के सचिव स्वरोज चक्रवर्ती ने समाज के सभी वर्गों से इस तरह की सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ खड़े होने और जागरूक भूमिका निभाने का आह्वान किया।