सिलीगुड़ी: शहर में बिजली और संचार के तारों को भूमिगत करने की परियोजना लोगों के लिए राहत के बजाय परेशानी का कारण बनती जा रही है। परियोजना के तहत शहर के कई वार्डों और मुख्य सड़कों पर खुदाई की गई, लेकिन कई स्थानों पर अब तक सड़कों की मरम्मत पूरी नहीं हो सकी है। इसके चलते सड़कें जर्जर हो गई हैं और दुर्घटनाओं की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि टूटी सड़कों के कारण रोजमर्रा का आवागमन प्रभावित हो रहा है। कई इलाकों में सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, हाल के दिनों में शहर में पेड़ गिरने की घटनाओं में भी बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है। गौरतलब है कि वर्ष 2025 में तत्कालीन मेयर गौतम देव ने घोषणा की थी कि दुर्गापूजा से पहले शहर में भूमिगत केबल बिछाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि, एक वर्ष बीत जाने के बाद भी यह परियोजना पूरी नहीं हो सकी है। इस बीच मेयर के इस्तीफे के बाद नगर निगम का बोर्ड भी भंग हो चुका है। ऐसे में शहरवासी अधूरी परियोजना और खराब सड़कों के लिए तत्कालीन नगर प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि समय पर कार्य पूरा नहीं होने और मरम्मत में देरी के कारण आम लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, लोग अब जल्द से जल्द सड़कों की मरम्मत और परियोजना को पूरा किए जाने की मांग कर रहे हैं।
खुदाई के बाद कई जगह सड़क मरम्मत समय पर नहीं होने से सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं
मालूम हो कि, सिलीगुड़ी नगर निगम ने वर्ष 2023 में शहर के बिजली और संचार तारों को भूमिगत करने की महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू की थी। इस योजना का उद्देश्य शहर में फैले बिजली, केबल और टेलीफोन के तारों के जाल को समाप्त करना, संभावित हादसों को कम करना और शहर की सुंदरता को बढ़ाना था। परियोजना के पहले चरण में नगर निगम के 19 वार्डों में करीब 220 किलोमीटर तक भूमिगत केबल बिछाने का कार्य शुरू किया गया। इसमें हिलकार्ट रोड, विधान रोड और पानीटंकी मोड़ से सालूगाड़ा तक के प्रमुख मार्गों को शामिल किया गया। योजना के तहत लगभग 32,000 बिजली के खंभों और बड़े ट्रांसफार्मरों को हटाने का भी लक्ष्य निर्धारित किया गया था। तत्कालीन मेयर गौतम देव ने निजी केबल और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं से भी अपने तारों को भूमिगत करने के लिए पंजीकरण कराने का आग्रह किया था। इस पहल का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया था। उम्मीद जताई गई थी कि इससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी, यातायात सुरक्षित होगा और शहर का सौंदर्य भी बेहतर होगा। हालांकि, परियोजना के दौरान कई स्थानों पर सड़कों की खुदाई की गई, लेकिन कई इलाकों में मरम्मत कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका। इसके चलते कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे हैं शहरवासी: पूर्व विपक्षी नेता अमित जैन
इस मामले को लेकर जब सन्मार्ग प्रतिनिधि ने नगर निगम के पूर्व विपक्षी नेता अमित जैन से बातचीत की, तो उन्होंने भूमिगत केबल परियोजना में लापरवाही का आरोप लगाया। अमित जैन ने कहा कि परियोजना के दौरान कार्यों की उचित निगरानी नहीं की गई, जिसका खामियाजा आज शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। उनके अनुसार, खुदाई के दौरान कई स्थानों पर पेयजल पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि शहर की अनेक सड़कें बुरी तरह टूट गई हैं और जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे लोगों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में नगर निगम का प्रशासनिक कार्य एडमिनिस्ट्रेटर और कमिश्नर की देखरेख में संचालित हो रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दुर्गापूजा से पहले क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा, ताकि लोगों को हो रही परेशानियों से राहत मिल सके। अमित जैन ने यह भी कहा कि अधूरी परियोजनाओं को समय पर पूरा करना और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए, जिससे शहरवासियों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।