नागराकाटा : केंद्र और राज्य सरकार के हालिया बजट में आईसीडीएस कर्मियों के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने के आरोप में गुरुवार को सीटू समर्थित आईसीडीएस कर्मियों ने बानरहाट में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने अपने-अपने केंद्र बंद रखकर धरना-प्रदर्शन में हिस्सा लिया, जिसके चलते कई इलाकों में सेवाएं अस्थायी रूप से प्रभावित रहीं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वे लंबे समय से बेहद कम मानदेय पर काम कर रहे हैं। आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और मातृ स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करना, पोषण कार्यक्रमों को लागू करना तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का दायित्व उनके कंधों पर है। इसके बावजूद बजट में वेतन वृद्धि, नियमितीकरण और सामाजिक सुरक्षा को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की गई, जिससे कर्मियों में रोष है।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में वेतन वृद्धि, भविष्य निधि लागू करना, ग्रेच्युटी की व्यवस्था और नौकरी की स्थायित्व की गारंटी शामिल है। उनका कहना है कि वर्षों से इन मांगों को लेकर आंदोलन चल रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद संगठन के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आने वाले दिनों में वे बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। प्रशासन से जल्द सकारात्मक पहल करने की अपील की गई है।