गंगटोक: सिक्किम अक्टूबर 2026 के अंतिम सप्ताह में नाथांग घाटी में पहली बार हिमालयन याक महोत्सव आयोजित करने जा रहा है। एक दिवसीय इस महोत्सव में सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के याक पालक एवं संबंधित समुदाय हिस्सा लेंगे। महोत्सव का मुख्य उद्देश्य याक संरक्षण, आजीविका विकास और उच्च हिमालयी पर्यटन को बढ़ावा देना है।
समुद्र तल से लगभग 13,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित नाथांग घाटी का याक पालन से लंबे समय से जुड़ाव रहा है। ऐतिहासिक ओल्ड सिल्क रूट पर स्थित यह क्षेत्र याक चराने वाले समुदायों के लिए महत्वपूर्ण रहा है।
महोत्सव में याक की विभिन्न नस्लों, पारंपरिक चरवाहा पद्धतियों और स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आने वाले याक पालकों को अनुभव एवं ज्ञान साझा करने के लिए एक साझा मंच प्रदान किया जाएगा। आयोजन के माध्यम से टिकाऊ एवं वैज्ञानिक याक पालन को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया जाएगा।
भारत में याक की घटती संख्या को लेकर बढ़ती चिंता के बीच इस महोत्सव को महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। आईसीएआर के शोध के अनुसार, सिक्किम में लगभग 5,219 याक हैं। महोत्सव के माध्यम से याक संरक्षण, वैज्ञानिक प्रजनन तथा हिमालयी समुदायों के लिए याक पालन की आर्थिक संभावनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार, महोत्सव का उद्देश्य याक को केवल पारंपरिक पशुधन के रूप में नहीं, बल्कि हिमालयी समुदायों की आजीविका, संस्कृति और सतत पर्यटन से जुड़े महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में स्थापित करना भी है।