सिलीगुड़ी

गान्तोक में ‘साङ्ग्रीला हार्ट्स – द कविता ट्राभलर्स’ की भव्य कविता संध्या आयोजित

Abhijit Dey

गान्तोक : ‘साङ्ग्रीला हार्ट्स – द कविता ट्राभलर्स’ की ओर से शुक्रवार को गान्तोक में विशेष कविता संध्या का आयोजन किया गया। एरोङ कैफे किचन में आयोजित इस साहित्यिक कार्यक्रम में सिक्किम के प्रतिष्ठित एवं उभरते कवियों ने अपनी स्वरचित कविताओं का पाठ किया। यह कार्यक्रम विशेष रूप से कवियों के लिए आयोजित किया गया था, जिसमें किसी बाहरी दर्शक को आमंत्रित नहीं किया गया।

कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार टीबी चन्द्र सुब्बा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम के समन्वयक प्रवीण खालिङ ने स्वागत संबोधन के साथ आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कवि निरंतर एक रचनात्मक यात्रा पर रहते हैं। इसी साहित्यिक यात्रा को एक साझा मंच प्रदान करने के उद्देश्य से ‘साङ्ग्रीला हार्ट्स – द कविता ट्राभलर्स’ की शुरुआत की गई है। उन्होंने बताया कि यह इस श्रृंखला का पहला आयोजन है तथा भविष्य में विभिन्न स्थानों पर इसके अन्य संस्करण आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में प्रस्तुत कविताओं को डिजिटल माध्यमों से प्रसारित किया जाएगा, जबकि स्वतंत्र आवाज मीडिया इसका प्रसारण करेगा।

मुख्य अतिथि टीबी चन्द्र सुब्बा ने अपने संबोधन में कार्यक्रम में प्रस्तुत कविताओं की संक्षिप्त समीक्षा करते हुए कहा कि कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समकालीन समय और समाज को प्रभावशाली ढंग से संबोधित किया है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि सहभागी कवि वैश्विक काव्यधाराओं के अनुरूप अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने अपनी साहित्यिक साधना के दौरान प्राप्त अनुभवों को भी साझा किया। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम में पाठ की गई कविताओं का संकलन प्रकाशित करने की घोषणा की।

कार्यक्रम में बलराम पाण्डे, भीम रावत, पीएम प्रधान, सरोजनी सुब्बा, सप्तिका राई, दीपा राई, मणिका शर्मा, प्रवीण खालिङ, दावा योञ्जन, पूजा छेत्री, एनबी घिमिरे, सन्ध्या सिजाङ्गो सुब्बा, नीलम गुरुङ, सोनाम पाल्जोर, सुचन, सविना राई, विश्वजीत बास्कोटा, गोपाल ढकाल, जीवन छेत्री, प्रमिल थिङ, रञ्जना कार्की, आकाश प्रधान तथा टीबी चन्द्र सुब्बा ने अपनी कविताओं का पाठ किया।

कविता पाठ के दौरान लोक कलाकार होम बहादुर गन्धर्व ने सारंगी और बाँसुरी वादक रविन ढुङ्गेल ने बाँसुरी की मधुर धुनों से कविताओं को संगीतमय संगत प्रदान की। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित कवियों को मुख्य अतिथि के हाथों स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस संबंध में कवि दावा योञ्जन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी।

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