गंगटोक : गंगटोक के बुलबुले स्थित हिमालयन जूलॉजिकल पार्क में वर्ष 2026 के प्रजनन मौसम के दौरान पांच रेड पांडा शावकों, दो हिमालयी काले भालू के शावकों और चार हिमालयी घोरल के बच्चों का सफल जन्म हुआ है। पार्क के संरक्षण प्रजनन कार्यक्रमों के लिए इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
रेड पांडा के पांच जीवित शावकों का जन्म जून और जुलाई में तीन प्रजनन जोड़ों से हुआ। पार्क का रेड पांडा संरक्षण प्रजनन कार्यक्रम वर्ष 1997 से संचालित है। हालांकि, 2012 से 2017 के बीच कैनाइन डिस्टेंपर के तीन प्रकोपों के दौरान 12 प्रजनन रेड पांडा की मौत से कार्यक्रम को गंभीर झटका लगा था। इसके अलावा, पार्क करीब सात वर्षों तक प्रजनन योग्य नर रेड पांडा से भी वंचित रहा।
वर्ष 2022 में एक नए प्रजनन जोड़े और जंगल से लाए गए तीन रेड पांडा के आगमन के बाद कार्यक्रम में फिर से सुधार शुरू हुआ और अगले वर्ष प्रजनन प्रक्रिया दोबारा शुरू हुई। पार्क के अनुसार, लकी-2 ने 30 जून को मिराक से दो शावकों को जन्म दिया। किमो रीप ने 9 जुलाई को डोखबू से दो शावकों को जन्म दिया, जबकि सोंगरू पुंडी ने 23 जुलाई को डोखबू से दो शावकों को जन्म दिया।
पार्क में शुरुआत में रेड पांडा के छह शावकों के जन्म की पुष्टि हुई थी। हालांकि, भारी बारिश के कारण सोंगरू पुंडी अपने बच्चों को बार-बार सूखे आश्रय की तलाश में स्थानांतरित करती रही, जिसके दौरान एक शावक की मौत हो गई। वर्तमान में पांच शावक जीवित हैं।
इसी वर्ष अप्रैल में पार्क में हिमालयी काले भालू के दो शावकों का भी जन्म हुआ। दोनों शावक वर्ष 2025 की सर्दियों में चिड़ियाघर में जन्मी मादा थॉमचुंग से पैदा हुए। इन नए जन्मों के साथ पार्क में हिमालयी काले भालुओं की संख्या बढ़कर छह हो गई है। इसके अलावा, नवंबर 2025 में छह नर हिमालयी गोरल को जंगल में छोड़े जाने के बाद पार्क में चार घोरल बच्चों का जन्म भी दर्ज किया गया है।
चिड़ियाघर प्रबंधन के अनुसार, नवजात वन्यजीवों को शुरुआती तीन महीनों तक विशेष निगरानी में रखा जाता है, क्योंकि इस अवधि में नवजात मृत्यु का जोखिम अधिक रहता है। इस दौरान मानवीय हस्तक्षेप को न्यूनतम रखा जाता है और पशु चिकित्सकों तथा पशुपालक दल द्वारा केवल आवश्यक स्वास्थ्य जांच की जाती है। रेड पांडा सिक्किम का राजकीय पशु है और इसे अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ की लाल सूची में लुप्तप्राय श्रेणी में रखा गया है।