Homestay in siitong  
सिलीगुड़ी

सिटोंग अग्निकांड के बाद एक्शन में सरकार, पहाड़ के सभी होमस्टे की होगी फायर सेफ्टी जांच

दमकल विभाग ने शुरू किया अभियान, पानी की व्यवस्था से लेकर आपातकालीन रास्तों तक की होगी जांच

Anjali Pandey

सिलीगुड़ी: सिटोंग के एक होमस्टे में महिला के आग से झुलसने की घटना के बाद राज्य सरकार ने पहाड़ के सभी होमस्टे की अग्निशमन व्यवस्था की जांच के निर्देश दिए हैं।इसके बाद शनिवार से दार्जिलिंग और आसपास के पहाड़ी इलाकों में दमकल विभाग ने अभियान शुरू कर दिया है।अलग-अलग दमकल केंद्रों से टीमें बनाकर होमस्टे का निरीक्षण किया जा रहा है। दमकलकर्मी होमस्टे की सूची और रजिस्टर लेकर एक-एक जगह पहुंच रहे हैं। निरीक्षण के दौरान होमस्टे में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, आपात स्थिति में पानी की व्यवस्था और दमकल की गाड़ी के पहुंचने के लिए रास्ते की स्थिति की जांच की जा रही है। निरीक्षण से जुड़ी जानकारी रजिस्टर में दर्ज करने के साथ रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है। मिरिक दमकल केंद्र के एक कर्मचारी के अनुसार, दूधिया से लेकर मिरिक तक के होमस्टे का निरीक्षण किया जा रहा है और उनकी स्थिति की रिपोर्ट तैयार कर भेजी जाएगी। पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने कहा कि किसी भी होटल या होमस्टे में न्यूनतम अग्निशमन व्यवस्था होना जरूरी है। सिटोंग की घटना के बाद सभी होमस्टे में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए मौजूद सावधानियों की जांच करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने पर पर्यटक आने से बचेंगे, जिससे होमस्टे कारोबार भी प्रभावित होगा।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जिले में कुल 1,549 पंजीकृत होमस्टे हैं। इनमें अकेले कालिम्पोंग में 1,135 होमस्टे पंजीकृत हैं। इसके अलावा कई ऐसे होमस्टे भी हैं, जो अभी तक सरकारी तौर पर पंजीकृत नहीं हुए है।दार्जिलिंग होमस्टे ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष छेत्री ने बताया कि संगठन की ओर से सभी होमस्टे मालिकों को अग्निशमन व्यवस्था रखने के लिए कहा गया है।

गौरतलब है कि 13 सितंबर को सिटोंग-1 ग्राम पंचायत क्षेत्र के एक होमस्टे में चिकन बारबेक्यू तैयार करने के दौरान एक महिला आग से झुलस गई थी। उत्तर दिनाजपुर के चोपड़ा की रहने वाली महिला का सिलीगुड़ी के कावाखाली स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद कार्सियांग थाने की पुलिस ने होमस्टे के मालिक और मैनेजर समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद पर्यटन विभाग ने पहाड़ के सभी होमस्टे की फायर सेफ्टी व्यवस्था की जांच के निर्देश दिए हैं। अब दमकल विभाग की टीमें सुरक्षा इंतजामों की जमीनी स्थिति का जायजा लेने में जुटी हैं।

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