अलीपुरदुआर: उत्तर बंगाल में मानव-हाथी संघर्ष के बीच एक बार फिर करंट लगने से एक पूर्णवयस्क नर हाथी की मौत हो गई। घटना अलीपुरदुआर जिले के फालाकाटा प्रखंड के पांच माइल स्थित तालपोर्टारी हरि मंदिर इलाके में हुई। गुरुवार सुबह स्थानीय लोगों ने धान के खेत में हाथी का शव पड़ा देखा और इसकी सूचना जलदापाड़ा वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में हाथी की मौत बिजली के करंट से होने की आशंका जताई गई है। वन विभाग ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बुधवार रात जलदापाड़ा जंगल से छह हाथियों का एक झुंड भोजन की तलाश में गांव की ओर आया था। मृत हाथी भी उसी झुंड का सदस्य बताया जा रहा है। वन अधिकारियों का अनुमान है कि खेत की सुरक्षा के लिए लगाए गए अवैध बिजली के तार या करंटयुक्त बाड़ के संपर्क में आने से हाथी की मौत हुई। जलदापाड़ा के अतिरिक्त वन्यजीव संरक्षक नवीकांत झा ने बताया कि जांच के दौरान क्षेत्र में बिजली का घेरा लगाए जाने के संकेत मिले हैं। जमीन मालिक की पहचान कर ली गई है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। वन विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि होगी। गौरतलब है कि पिछले दो महीनों में उत्तर बंगाल में करंट लगने से हाथियों की मौत के कई मामले सामने आ चुके हैं। अलीपुरदुआर के सालकुमार-भंडानी क्षेत्र और कुमारग्राम प्रखंड के लेफ्रागुड़ी इलाके में भी हाथियों की मौत करंट लगने की घटनाएं सामने आई थीं। लगातार हो रही इन घटनाओं ने वन्यजीव सुरक्षा, अवैध बिजली बाड़ पर रोक और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग को फिर तेज कर दिया है।