सिलीगुड़ी

डुआर्स संस्कृत गुरुकुलम की शुरुआत 2027-28 से

Khodija Khatun (Rabia)

नागराकाटा : डुआर्स संस्कृत गुरुकुलम के उद्घाटन समारोह की तैयारियों के बीच रविवार को नागराकाटा के ग्रासमोर चाय बागान स्थित लिटिल होम इंग्लिश स्कूल परिसर में पत्रकार सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें संस्था की भावी योजनाओं, उद्देश्यों और विद्यार्थियों को संस्कारयुक्त शिक्षा देने की परिकल्पना की जानकारी दी गई।

संस्था की ओर से बताया गया कि आगामी शैक्षणिक सत्र 2027-28 से लिटिल होम इंग्लिश स्कूल का नाम बदलकर डुआर्स संस्कृत गुरुकुलम किया जाएगा। यहां आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, वैदिक परंपरा, योग, अनुशासन और स्वावलंबन पर आधारित शिक्षा देने की योजना है।

गुरुकुलम का उद्देश्य डुआर्स के चाय बागान और वनबस्ती क्षेत्रों के बच्चों की प्रतिभा को निखारना तथा उन्हें शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है। विद्यार्थियों को संस्कृत, वेद, योग, विज्ञान, कंप्यूटर, खेलकूद और विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही स्थानीय आदिवासी, राजवंशी, नेपाली और बंगाली संस्कृति एवं लोककलाओं के संरक्षण पर भी जोर रहेगा।

संस्था ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों के लिए 100 निःशुल्क आवासीय सीटें उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत कक्षा पांचवीं से आठवीं तक के जरूरतमंद विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा, भोजन और आवास देने की योजना है।

सम्मेलन में अरोजित लोहार, शिवराज प्रधान, लिटिल होम इंग्लिश स्कूल के भक्त बहादुर छेत्री, उप-प्रधानाचार्य दिलीप कुमार बोरा, राजेश भुजेल, रूपम राई, राम सूरत माझी और विक्रम भुजेल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। संस्था का मूल मंत्र है—“जड़ों से जुड़कर आसमान को छूना।” इसका लक्ष्य शिक्षा, संस्कार और कौशल विकास के जरिए क्षेत्र के बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए तैयार करना है।

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