मिरिक : मिरिक कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर डॉ. शेरपा भुटिया को उच्च शिक्षा, शोध और शैक्षणिक प्रशासन में सक्रिय भागीदारी के क्षेत्र में उनके शानदार योगदान के लिए ‘विद्यासागर शिक्षा सम्मान पुरस्कार-2026’ से सम्मानित किया गया है। कालिम्पोंग के टाउन हॉल में आयोजित समारोह में दार्जिलिंग के लोकसभा सांसद राजू बिष्ट, कालिम्पोंग के विधायक भरत छेत्री, कर्सियांग के विधायक सोनम लामा, पश्चिम बंगाल सरकार के राज्यमंत्री विशाल लामा, और आपदा प्रबन्धन के मुख्य सचिव राजेश सिन्हा के उपस्थित में उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया गया।
मिरिक कॉलेज के प्रिंसिपल के तौर पर डॉ. भुटिया अकादमिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की भागीदारी, अनुशासन, पाठ्य सहगामी गतिविधियों, विद्यार्थी कल्याण और संस्थागत विकास को मज़बूत करने में खास योगदान देते रहे हैं। वह उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को अपनी प्राथमिकता में रखते रहे हैं।
डॉ. भूटिया ने अपनी प्राथमिक और सेकेंडरी शिक्षा संत जॉर्ज प्राइमरी स्कूल और संत जॉर्ज हाइयर सेकेंडरी स्कूल, पेदोंग, कालिम्पोंग से ली। उसके बाद उन्होंने विश्वभारती यूनिवर्सिटी, शांतिनिकेतन से अपनी अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और Ph.D. की शिक्षा पूरी की। कई नेशनल अवॉर्ड्स से सम्मानित डॉ. भुटिया को पहले शैक्षणिक और पेशे के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके हैं।
उनमें नेशनल एजुकेशन अवॉर्ड (2024), बेस्ट रिसर्च अवॉर्ड (2022), भारत शिक्षा गौरव पुरस्कार (2022), डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम लाइफटाइम अचीवमेंट नेशनल अवॉर्ड (2020), डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम आउटस्टैंडिंग विज़नरी प्रोफेसर अवॉर्ड (2019) और आउटस्टैंडिंग प्रेजेंटेशन अवॉर्ड (2019) खास हैं। माना जाता है कि ‘विद्यासागर शिक्षा सम्मान-2026’ ने पहाड़ी इलाके में उच्च शिक्षा, अकादमिक उत्कृष्टता और संस्थागत उन्नतिकरण के विकास में डॉ. भुटिया के योगदान को राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर और पहचान दी है।