सिलीगुड़ी : ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक-2026 के विरुद्ध तृतीय लिंगी समुदाय के लोगों ने नॉर्थ बंगाल ट्रांस/क्वीर कलेक्टिव के बैनर तले मंगलवार शाम बाघाजतिन पार्क के सामने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने विधेयक की प्रतियां जलाई और अविलंब इस विधेयक को रद करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों की ओर से बोधिसत्व घोष ने कहा कि, केंद्र सरकार ने 2019 के मूल कानून में बदलाव कर ट्रांसजेंडर की परिभाषा और पहचान के विवादित बना दिया है। यह विधेयक 2014 के नालसा फैसले के विपरीत, स्व-घोषित पहचान के बजाय मेडिकल अथवा सामाजिक जांच के आधार पर पहचान तय करने की बात करता है। हर किसी विशेष कर तृतीय लिंगी समुदाय के लोगों को अपने लिंग का निर्धारण खुद करने का अधिकार होना चाहिए। यह संशोधित विधेयक 'स्वयं-अनुभूत लिंग पहचान' संबंधी अधिकार का हनन करता है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। इस विधेयक को अविलंब वापस लिया जान चाहिए। वरना, हम लोग दिल्ली जा कर भी आंदोलन करेंगे और सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाएंगे।