सिलीगुड़ी : उत्तर बंगाल राज्य परिवहन निगम (एनबीएसटीसी) द्वारा 1 दिसंबर से शुरू होने वाली विशेष पर्यटन सेवा ‘हरियाली की पुकार’ फिलहाल अधर में लटक गई है। अक्टूबर में की गई घोषणा के बावजूद यह पूरा प्लान अब संकट में है। निगम के अधिकारियों के अनुसार, इस पैकेज के लिए अब तक कोई रूट तक निर्धारित नहीं किया जा सका है। सूत्रों के मुताबिक, इस देरी की वजह उस रिटायर्ड कर्मचारी को माना जा रहा है जिसे योजना का जिम्मा सौंपा गया था। हाल ही में उनकी बेटी की शादी थी, जिस कारण वे आवश्यक तैयारियां समय पर नहीं कर पाए।
इस घटना के बाद निगम कर्मचारियों में सवाल उठने लगे हैं कि क्या पर्याप्त स्टाफ होता तो ऐसी स्थिति पैदा होती? हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि देरी का मुख्य कारण एसआईआर है। उनका तर्क है कि इस समय पर्यटकों की संख्या कम रहने वाली है, इसलिए पैकेज को कुछ समय बाद शुरू करना बेहतर रहेगा। एनबीएसटीसी के डिविजनल मैनेजर सौविक दे ने कहा कि एसआईआर चलने के कारण अभी ज्यादा पर्यटक नहीं आएंगे। इसलिए हम इस विशेष सेवा को कुछ दिनों बाद शुरू करेंगे।
हरियाली की पुकार: पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय पैकेज
एनबीएसटीसी की विशेष पर्यटन सेवाओं में ‘हरियाली की पुकार’ एक आकर्षक पैकेज है। इस पैकेज में यात्रियों को कम दिनों में पहाड़ और डुआर्स के प्रमुख पर्यटन स्थलों की सैर कराई जाती है। अक्टूबर के अंत में इस सेवा को फिर से शुरू करने की घोषणा की गई थी और इसकी जिम्मेदारी एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को दी गई थी। लेकिन अब यह सवाल उठ रहा है कि जब उनकी बेटी की शादी की तारीख पहले से पता थी तो उन्हें इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी क्यों दी गई?
अन्य घोषणाएं भी अधर में
निगम के चेयरमैन ने नवंबर माह में तेनज़िंग नोर्गे बस टर्मिनस में कैफ़ेटेरिया और डॉर्मिटरी शुरू करने की भी घोषणा की थी, लेकिन अभी तक उस दिशा में भी कोई ठोस कार्य शुरू नहीं हुआ है। इस कारण यह चर्चा तेज़ है कि क्या घोषणाएं करने से पहले उचित योजना बनाई ही नहीं गई थी?
श्रमिक संगठनों की प्रतिक्रिया
एनबीएसटीसी की तृणमूल समर्थित श्रमिक यूनियन के महासचिव समीर सरकार ने बताया कि एसआईआर के कारण जरूरी बुनियादी कार्यों के लिए पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए थोड़ा अधिक समय लग रहा है।
उधर, वामपंथी समर्थित श्रमिक संगठन के केंद्रीय सदस्य तुफान भट्टाचार्य ने कहा कि प्रशासनिक स्तर से उन्हें ‘हरियाली की पुकार’ शुरू होने को लेकर कोई आधिकारिक सूचना ही नहीं मिली।