Fuleshwari railgate  
सिलीगुड़ी

फुलेश्वरी रेलवे गेट हुआ स्थायी बंद, अंडरपास पर बढ़ेगा दबाव; सीपीएम ने किया प्रदर्शन

Anjali Pandey

सिलीगुड़ी : शनिवार देर रात साढ़े 12 बजे से सिलीगुड़ी के फुलेश्वरी रेलवे गेट को स्थायी रूप से बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। मेडिकल मोड़ के पास कदमतला रेलवे गेट बंद किए जाने के करीब एक सप्ताह बाद अब फुलेश्वरी रेलवे गेट भी बंद कर दिया गया है। रेलवे की कार्रवाई के दौरान इलाके में आरपीएफ की तैनाती रही और दोनों ओर से रास्ते को घेरकर आवाजाही रोक दी गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों, राहगीरों और आसपास के दुकानदारों में हलचल मच गई।

रेलवे की ओर से किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पहले ही इलाके में माइकिंग कराई गई थी। देर रात आरपीएफ की बड़ी टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद अर्थमूवर की मदद से रेलवे गेट के दोनों ओर सड़क की खुदाई कर रास्ते को स्थायी रूप से बंद करने का काम शुरू किया गया। काम के दौरान कई स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। कुछ लोगों द्वारा अंदर जाकर स्थिति देखने और वीडियो बनाने की कोशिश किए जाने पर आरपीएफ ने उन्हें वहां से हटाया।

रेलवे गेट बंद होने से आसपास के दुकानदारों की चिंता भी बढ़ गई है। कई व्यापारी देर रात तक मौके पर मौजूद रहे। उन्हें आशंका है कि रेलवे की जमीन से सटी दुकानों को लेकर भी आगे कोई कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, दुकानों के संबंध में रेलवे की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि फुलेश्वरी रेलवे गेट से रोजाना बड़ी संख्या में लोग आवाजाही करते थे।आसपास बाजार भी लगता था और राहगीरों की आवाजाही से दुकानों का कारोबार चलता था। ऐसे में गेट बंद होने के बाद ग्राहकों की संख्या प्रभावित होने की आशंका है।

रेलवे गेट बंद होने के बाद अब स्थानीय लोगों को मुख्य रूप से अंडरपास का इस्तेमाल करना होगा। व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने अंडरपास की मौजूदा स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पहले से ही अंडरपास में आवाजाही को लेकर परेशानी रहती है। ऐसे में रेलवे गेट बंद होने के बाद यहां वाहनों और लोगों का दबाव बढ़ सकता है।

इधर, रेलवे गेट बंद किए जाने के विरोध में रविवार को सीपीएम कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने इसे आम लोगों और स्थानीय व्यापारियों के लिए परेशानी बढ़ाने वाला फैसला बताया। सीपीएम कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के चार महीने के भीतर ही लोग परेशान होने लगे हैं और सरकार जनविरोधी नीतियां अपना रही है। प्रदर्शनकारियों ने मनमाने तरीके से बेदखली अभियान चलाने और रेलवे गेट बंद करने को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि पहले रेलवे गेट और अंडरपास दोनों रास्ते उपलब्ध थे। अब रेलवे गेट बंद होने के बाद पूरी आवाजाही अंडरपास पर निर्भर हो जाएगी, जिससे आने वाले दिनों में जाम की समस्या और बढ़ सकती है। सीपीएम कार्यकर्ताओं ने बड़ी गाड़ियों की आवाजाही को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि अंडरपास से बड़ी गाड़ियों का प्रवेश संभव नहीं होने की स्थिति में दमकल जैसी आपातकालीन सेवाओं को हिलकार्ट रोड होकर आना पड़ सकता है। इससे आपात स्थिति में अतिरिक्त परेशानी पैदा होने की आशंका है। सीपीएम ने सरकार और रेलवे से फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कदम नहीं उठाया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। वहीं, वार्ड नंबर 24 के भाजपा कोऑर्डिनेटर प्रसनजीत पाल भी शनिवार रात मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि यह रेलवे से जुड़ा मामला है और सभी को सहयोग करना चाहिए। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि अंडरपास से जुड़ी समस्याओं को जल्द दूर किया जाएगा।

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