जलपाईगुड़ी: श्रावण मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। राज्य के सूचना एवं संस्कृति विभाग के सचिव सौमित्र मोहन ने शुक्रवार को जिला प्रशासन के साथ समीक्षा बैठक की और इसके बाद जल्पेश मंदिर, मेला परिसर तथा तीस्ता घाट का निरीक्षण किया। प्रशासन के अनुसार, 20 जुलाई को मुख्यमंत्री जल्पेश मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसी दिन से पूरे श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को राज्य सरकार की ओर से हेलीकॉप्टर से मंदिर परिसर में पुष्पवर्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर पुलिस और प्रशासन के बीच सुरक्षा व्यवस्था एवं श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने पर विस्तृत चर्चा हुई। जल्पेश मंदिर समिति के सचिव गिरींद्रनाथ देव ने बताया कि मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए मंदिर समिति पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि पहले सोमवार को भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन बड़ी चुनौती होगी, जिसके लिए मंदिर समिति पुलिस और प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम करेगी। इसके लिए समिति की ओर से स्वयंसेवकों की भी तैनाती की जाएगी।
मेले को इस वर्ष पहले से अधिक भव्य और आकर्षक बनाने की योजना
बैठक के बाद सचिव सौमित्र मोहन ने मुख्यमंत्री के दौरे के कार्यक्रम पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की। हालांकि, जलपाईगुड़ी के विधायक अनंतदेव अधिकारी और राजगंज के विधायक दिनेश सरकार ने पुष्टि की कि मुख्यमंत्री 20 जुलाई को जल्पेश मंदिर आएंगे। विस्तृत कार्यक्रम जल्द जारी किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान सौमित्र मोहन ने मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने मंदिर ट्रस्ट बोर्ड के सदस्यों और स्थानीय व्यापारियों से भी बातचीत की। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की योजना इस वर्ष श्रावणी मेले को पहले से अधिक भव्य और आकर्षक बनाने की है। मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक गरिमा को बनाए रखते हुए मेले का विस्तार किया जाएगा।
सुरक्षा कारणों से मंदिर परिसर और स्काईवॉक के नीचे दुकानों को लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी
उन्होंने पुलिस और प्रशासन को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
मयनागुड़ी के विधायक डालिम राय ने बताया कि केवल पहले सोमवार ही नहीं, बल्कि पूरे श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की जाएगी। वहीं, सुरक्षा कारणों से इस वर्ष मंदिर परिसर और स्काईवॉक के नीचे किसी भी दुकान को लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस फैसले से स्थानीय व्यापारियों में नाराजगी है। उन्होंने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से दुकान लगाने की अनुमति देने का अनुरोध किया।
जल्पेश मंदिर ट्रस्ट बोर्ड के सचिव गिरींद्रनाथ देव ने कहा कि प्रशासन द्वारा इस वर्ष श्रावणी मेले को लेकर की जा रही व्यापक तैयारियों से मंदिर समिति संतुष्ट है। शुक्रवार सुबह जिला अधिकारी कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में जिला अधिकारी संदीप घोष, अतिरिक्त जिला अधिकारी राजेश राठौर, विधायक अनंतदेव अधिकारी, दिनेश सरकार, मंदिर समिति के प्रतिनिधि तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।