सिलीगुड़ी

अंग्रेजी में अनुवादित 'किस्साग्राम' पर हुई चर्चा

सिलीगुड़ी : कलिंगा अवार्ड हिंदी-2024 से पुरस्कृत एक चर्चित हिंदी लघु उपन्यास 'किस्साग्राम' की अंग्रेजी में अनुवादित पुस्तक पर शनिवार को यहां विशेष चर्चा सत्र 'किस्सा किस्साग्राम' का आयोजन किया गया। गुरुंग बस्ती में भानुभक्त समिति भवन स्थित प्रकाशन समूह 'बुकऐंट' कार्यालय के सभागार में आयोजित इस सत्र में कई विद्वज्जनों ने भाग लिया। हिंदी उपन्यासकार, कहानीकार व अनुवादक एवं दिल्ली यूनिवर्सिटी के ज़ाकिर हुसैन कॉलेज (सायंकालीन) में हिंदी के प्रोफेसर प्रभात रंजन ने मूल रूप से हिंदी में लघु उपन्यास 'किस्साग्राम' लिखा है। इसका अंग्रेजी अनुवाद 'किस्साग्राम' उत्तर बंगाल व सिक्किम के जाने-माने लेखक, शोधकर्ता, चिंतक व अनुवादक सिक्किम के नर बहादुर भंडारी गवर्नमेंट कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सत्यदीप एस. छेत्री ने किया है।

उन्होंने चर्चा सत्र में कहा कि, 'किस्साग्राम' ने उन्हें बहुत आकर्षित किया, विशेष रूप से भारत-नेपाल सीमांत क्षेत्र की इसकी पृष्ठभूमि और एकदम हमारे अपने क्षेत्र से मिलती-जुलती कहानियों ने मुझे इसका अंग्रेजी अनुवाद करने को प्रेरित किया। मेरा यह दृढ़ रूप में मानना है कि, हिंदी, नेपाली, व अन्य भारतीय भाषाओं की उत्कृष्ट रचनाओं का अंंग्रेजी में अनुवाद किया जाना चाहिए। इससे साहित्य व संस्कृति के वैश्विक आदान-प्रदान एवं विकास को काफी बल मिलेगा। इस अवसर पर समीक्षक के रूप में पश्चिम बंगाल राज्य सरकार के पूर्व संयुक्त सचिव एवं वरिष्ठ लेखक डॉ. पी.के. छेत्री ने उक्त पुस्तक की समीक्षा की। कई बिंदुओं को रेखांकित किया। कहा कि, इस उपन्यास में ग्रामीण क्षेत्रों के केवल नकारात्मक पहलुओं को ही दर्शाया गया है जबकि काफी सारे सकारात्मक पहलू भी हैं जो इस पुस्तक में होते तो इसे न्यायसंगत प्रयास कहा जा सकता था। वैसे कहानियां रुचिकर हैं। उन्होंने सबसे ज्यादा अंग्रेजी अनुवाद में डॉ. सत्यदीप एस. छेत्री की भाषा शैली की जम कर प्रशंसा की। प्रश्नोत्तरी सत्र में लेखक व समीक्षक ने कई जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।

सत्र का सफल संचालन बिस्वा तामंग ने किया। इस अवसर पर 'बुकऐंट' के कर्ताधर्ता जाने-माने कवि, लेखक राजा पुनियानी, लेखक संदीप सी जैन, पत्रकार पराग विश्वास, अशोक प्रशांत व अन्य कई सम्मिलित रहे।

SCROLL FOR NEXT