सिलीगुड़ी : भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी की एक बड़ी कोशिश को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने विफल कर दिया।
खोरीबाड़ी सेक्टर में सतर्क जवानों ने एक नाबालिग किशोरी को संदिग्ध परिस्थितियों में सीमा पार ले जाते समय बचा लिया और इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मानव तस्करी से जुड़े संभावित नेटवर्क की जांच तेज कर दी है।
जानकारी के अनुसार, एसएसबी की 41वीं बटालियन के जवान भारत-नेपाल सीमा पर नियमित निगरानी अभियान चला रहे थे। इसी दौरान उन्होंने एक व्यक्ति को एक किशोरी के साथ सीमा की ओर जाते देखा।
पूछताछ के दौरान दोनों के बयान संदिग्ध पाए गए और उनके पास यात्रा से संबंधित संतोषजनक दस्तावेज या स्पष्ट जानकारी नहीं थी। इसके बाद जवानों ने दोनों को रोककर विस्तृत पूछताछ की।
जांच में आशंका जताई गई कि किशोरी को बहला-फुसलाकर नेपाल ले जाया जा रहा था और वह मानव तस्करी की शिकार हो सकती थी।
इसके बाद एसएसबी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए किशोरी को सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया तथा आरोपी को हिरासत में लेकर स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया। मामले में मानव तस्करी से संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों के अनुसार, किशोरी की काउंसलिंग कराई जा रही है और उसके परिवार से संपर्क स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस घटना के पीछे कोई संगठित मानव तस्करी गिरोह सक्रिय है या नहीं। जांच एजेंसियां आरोपी के मोबाइल फोन, संपर्कों और आवाजाही के रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही हैं।
एसएसबी अधिकारियों ने कहा कि भारत-नेपाल की खुली सीमा का फायदा उठाकर मानव तस्कर अक्सर महिलाओं और नाबालिगों को नौकरी, बेहतर भविष्य या शादी का झांसा देकर सीमा पार ले जाने की कोशिश करते हैं।
इसे रोकने के लिए सीमा पर लगातार निगरानी बढ़ाई गई है और स्थानीय पुलिस, बाल संरक्षण इकाइयों तथा अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर अभियान चलाया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी नाबालिग या महिला को संदिग्ध परिस्थितियों में सीमा की ओर ले जाते हुए देखें या किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस या एसएसबी को सूचना दें, ताकि मानव तस्करी जैसी गंभीर घटनाओं को समय रहते रोका जा सके।