मां दुर्गा की प्रतिमा  
सिलीगुड़ी

दुर्गा पूजा से पहले सिलीगुड़ी की कुम्हार टोलियों में प्रतिमा निर्माण का काम तेज

Gayetri Yadav

सिलीगुड़ी: दुर्गा पूजा को लेकर शहर के बाजारों में हलचल बढ़ने लगी है। शहरवासी मां दुर्गा के स्वागत की तैयारियों में जुट गए हैं। बंगाल की दुर्गा पूजा विश्वविख्यात है, ऐसे में हर वर्ष पूजा को और भव्य बनाने के लिए विभिन्न पूजा कमेटियां भी जोर-शोर से तैयारियों में जुट गई हैं।

वहीं, कुम्हार टोलियों में मां दुर्गा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने का काम तेजी से चल रहा है। सिलीगुड़ी, माटीगाड़ा और पालपाड़ा इलाके की विभिन्न कुम्हार टोलियों में मां दुर्गा की आकर्षक और भव्य प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं।

मूर्तिकारों के अनुसार, खराब मौसम के कारण प्रतिमाओं को सूखने में अधिक समय लग रहा है। इसके अलावा, प्रतिमा निर्माण की लागत पहले की तुलना में बढ़ गई है। सीमित संसाधनों और प्रतिकूल मौसम के बीच समय पर प्रतिमाएं तैयार करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

मूर्तिकारों ने बताया कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार प्रतिमाओं की मांग बढ़ी है, लेकिन उन्हें मनमुताबिक कीमत नहीं मिल पाती। पहाड़ी क्षेत्रों से भी इन दिनों प्रतिमाओं की मांग बढ़ गई है। वहां से मिलने वाले ऑर्डर पर ग्राहक अपेक्षाकृत बेहतर कीमत देने को तैयार रहते हैं।

मूर्तिकारों के मुताबिक, समय कम होने और ऑर्डर अधिक होने के कारण वे इन दिनों काफी व्यस्त हैं। सिलीगुड़ी और आसपास के इलाकों से बड़ी और भव्य प्रतिमाओं की मांग अधिक है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में आमतौर पर 5 से 7 फीट ऊंची प्रतिमाओं की मांग रहती है। पहाड़ी क्षेत्रों तक प्रतिमाओं को सुरक्षित पहुंचाना भी चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि रास्ते में प्रतिमाओं के क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना रहता है।

मूर्तिकारों का कहना है कि यदि मौसम अनुकूल रहा तो निर्धारित समय के भीतर सभी प्रतिमाओं का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।

मां दुर्गा की प्रतिमा

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