सिलीगुड़ी : वेतन वृद्धि समेत विभिन्न मांगों को लेकर चल रही सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल आखिरकार खत्म हो गई। गुरुवार को सिलीगुड़ी नगर निगम प्रशासन और आंदोलनकारी संगठन के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के बाद कर्मचारियों ने काम पर लौटने का फैसला किया। इसके बाद शुक्रवार सुबह से सफाई कर्मचारियों ने दोबारा काम शुरू कर दिया। दरअसल, उत्तरबंग सफाई कर्मचारी वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन के आह्वान पर मंगलवार से सफाई कर्मचारियों के एक वर्ग ने विभिन्न मांगों को लेकर कार्यविराम शुरू किया था। बुधवार और गुरुवार को भी इसका असर शहर की सफाई व्यवस्था पर देखने को मिला। कई इलाकों में कचरे के ढेर जमा हो गए थे और घर-घर से कचरा उठाने की व्यवस्था भी प्रभावित हुई थी। गुरुवार को आंदोलनकारी कर्मचारी बाघाजतिन पार्क के पास एकत्र हुए थे। बाद में उन्होंने नगर निगम के सामने भी प्रदर्शन किया। इसी बीच कुछ इलाकों में काम पर लौट रहे सफाई कर्मचारियों को कथित तौर पर रोकने और उनके हाथ से झाड़ू, कुदाल व बेलचा लेने के आरोप भी सामने आए। हालांकि, आंदोलनकारी संगठन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि किसी को काम करने से नहीं रोका गया।
स्थिति को देखते हुए गुरुवार दोपहर नगर निगम प्रशासन ने आंदोलनकारी संगठन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में कर्मचारियों की विभिन्न मांगों पर चर्चा हुई। नगर निगम की ओर से स्पष्ट किया गया कि कर्मचारियों की तीन दिनों की मजदूरी नहीं काटी जाएगी। इसके अलावा नगर निगम के अधीन काम करने वाले सफाई कर्मचारियों को बोनस देने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। कर्मचारियों की अन्य मांगों को राज्य सरकार के पास भेजने और उन पर गंभीरता से कदम उठाने का आश्वासन भी दिया गया। बैठक के बाद आंदोलनकारी संगठन की ओर से कार्यविराम समाप्त करने और शुक्रवार से काम पर लौटने की घोषणा की गई। नगर निगम प्रशासक आर. विमला ने कहा कि बैठक सकारात्मक रही है और कर्मचारी शुक्रवार सुबह से काम पर लौटे। उन्होंने यह भी बताया कि पूजा से पहले शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए नगर निगम की ओर से विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। शुक्रवार सुबह कर्मचारियों के साथ चर्चा के बाद सफाई व्यवस्था दोबारा शुरू कर दी गई। पूजा से पहले शहर में जमा कचरे को हटाने और नियमित सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अब विशेष अभियान चलाने की तैयारी है।