मालदह : बाढ़ के पानी से पूरा भूतनी क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित है। पिछले करीब दो सप्ताह से भूतनी थाना क्षेत्र के कम से कम 52 सरकारी शिक्षण संस्थान बंद हैं। बाढ़ से इलाके के लगभग डेढ़ लाख लोग प्रभावित हुए हैं। अधिकांश एकमंजिला प्राथमिक विद्यालय पानी में डूबे हुए हैं, जबकि दो और तीन मंजिला हाई स्कूलों के निचले हिस्से में पानी भरा है। इन स्कूलों की छतें अब बाढ़ पीड़ितों के लिए आश्रय स्थल बन गई हैं। इसी बीच, बाढ़ पीड़ितों पर जहरीले सांपों का खतरा भी मंडरा रहा है। पिछले पांच दिनों में हीरानंदपुर, उत्तर चंडिपुर और दक्षिण चंडिपुर ग्राम पंचायत क्षेत्रों में करीब 20 लोगों को सांप ने काटा, जिनका इलाज मालदा मेडिकल कॉलेज और मानिकचक ग्रामीण अस्पताल में चल रहा है।
बिजली नहीं होने के कारण बाढ़ पीड़ितों को रात में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवार लकड़ी जलाकर किसी तरह रोशनी की व्यवस्था कर रहे हैं। वहीं, राहत सामग्री की तलाश में सूर्यास्त के बाद भी लोग बाहर निकलने को मजबूर हैं। ऐसे हालात में बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो गई है। स्थानीय छात्रों का कहना है कि पहले पेट भरना और जान बचाना जरूरी है, पढ़ाई बाद में।
ऑनलाइन पढ़ाई कराने की योजना हुई विफल
कुछ स्कूलों के शिक्षकों ने बताया कि शुरुआत में ऑनलाइन पढ़ाई कराने की योजना बनाई गई थी, लेकिन अधिकांश परिवारों के पास एंड्रॉयड मोबाइल फोन नहीं हैं। जिनके पास मोबाइल हैं, वे बिजली नहीं होने के कारण उसे चार्ज नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में ऑनलाइन शिक्षा भी संभव नहीं हो पा रही है।
सेना और स्पीड बोट के जरिये पर्याप्त राहत सामग्री पहुंचाई गई
गुरुवार दोपहर प्रशासन की ओर से सेना के जवानों की मदद से मोटर चालित नाव और स्पीडबोट के जरिए पर्याप्त राहत सामग्री पहुंचाई गई। उत्तर चंडिपुर ग्राम पंचायत के मोहरिल मोड़ इलाके में राहत सामग्री लेने के लिए सैकड़ों बाढ़ पीड़ितों में अफरा-तफरी मच गई। घरों और स्कूलों की छतों पर मौजूद लोग राहत सामग्री पाने के लिए पानी में उतर गए। कुछ देर के लिए स्थिति बेहद अव्यवस्थित हो गई, जिसे बाद में प्रशासन ने नियंत्रित किया। मौके पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और मानिकचक के विधायक गौरचंद्र मंडल समेत अन्य लोग मौजूद थे।
जिला शिक्षा विभाग के अनुसार, भूतनी थाना क्षेत्र में कुल 52 सरकारी विद्यालय हैं। इनमें 46 प्राथमिक विद्यालय, तीन हाई स्कूल-भूतनी चंडिपुर हाई स्कूल, उत्तर चंडिपुर हाई स्कूल और दक्षिण चंडिपुर हाई स्कूल-के अलावा दो जूनियर हाई स्कूल और एक हाई मदरसा शामिल हैं। अधिकांश प्राथमिक विद्यालय पानी में डूबे हैं, जबकि हाई स्कूल, मदरसा और जूनियर हाई स्कूलों की छतों पर बाढ़ प्रभावित परिवारों ने शरण ले रखी है। बाढ़ के कारण भूतनी क्षेत्र की जमीन, बागान और जंगल पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। इन स्थानों से गोखरू, करैत और चंद्रबोड़ा जैसे जहरीले सांप निकलकर सूखी जगह की तलाश में घरों और स्कूलों की छतों तक पहुंच रहे हैं।
गुरुवार सुबह एक मकान के पानी में डूब जाने के बाद गोविंद मंडल का परिवार छत पर शरण लिए हुए था। इसी दौरान सीढ़ी से एक चंद्रबोड़ा सांप ऊपर आया और उनके बेटे संजय मंडल को डस लिया। सूचना मिलने पर प्रशासन ने तत्काल मदद की और सेना के जवानों ने स्पीडबोट से घायल बच्चे को मानिकचक ग्रामीण अस्पताल पहुंचाया।
वहीं, करीब दस दिन पहले बाढ़ प्रभावित भूतनी से जिला प्रशासन ने तुकुमणि देवी को सुरक्षित निकालकर मानिकचक ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था। चार दिन पहले उन्होंने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। स्वास्थ्य में सुधार के बाद गुरुवार को प्रशासन ने विशेष नाव की व्यवस्था कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
जिलाधिकारी राजनवीर सिंह कपूर ने बताया कि मानिकचक ब्लॉक में बाढ़ पीड़ितों के लिए पर्याप्त राहत सामग्री उपलब्ध है और सभी प्रभावित लोगों तक व्यवस्थित तरीके से राहत पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।