सिलीगुड़ी

2,500 करोड़ बकाया, भुगतान के लिए CM को पत्र

जल जीवन मिशन एवं अन्य कार्यों के मद के बकाये का भुगतान 2 वर्षों से लंबित, डेढ़ वर्ष से केंद्र सरकार का अंश जारी नहीं हो रहा, उसीलिए भुगतान में देरी हो रही, पीएचई ठेकेदारों द्वारा किया जा रहा आंदोलन, पीएचई कार्यालयों में जड़े गए ताले

सिलीगुड़ी : केंद्र सरकार व राज्य सरकार के संयुक्त जल जीवन मिशन एवं अन्य योजनाओं के कार्यों के मद के भारी बकाया के लंबे अर्से से भुगतान न होने के विरोध में पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग (पीएचई) विभाग के अधीनस्थ ठेकेदारों का आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस कड़ी में शनिवार को सिलीगुड़ी पीएचई कॉन्ट्रैक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र भेजा गया है। यह पत्र सिलीगुड़ी नगर निगम जा कर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने मेयर गौतम देव को सौंपा। मेयर ने उक्त पत्र को मुख्यमंत्री को अग्रसारित करने एवं समस्या के यथाशीघ्र समाधान हेतु हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया है।

इस बारे में सिलीगुड़ी पीएचई कॉन्ट्रैक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव अनूप बसु ने कहा कि, मेयर हमारे सिलीगुड़ी के अभिभावक हैं। इसीलिए उनके मार्फत हम लोगों ने अपनी समस्याओं के समाधान हेतु मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। हमें आशा है कि इससे जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि, राज्य सरकार के पीएचई विभाग के अधीन हम ठेकेदारों ने जल जीवन मिशन व अन्य योजनाओं के कार्य किए। उन कार्यों को पूरा हुए लगभग डेढ़-दो साल हो गए हैं। इसके बावजूद अब तक ठेकेदारों को बकाया का भुगतान नहीं किया जा रहा है। केंद्र व राज्य सरकार दोनों की रार के चलते हम ठेकेदार लोग समस्या झेलने को मजबूर हैं। राज्य भर में यह बकाया लगभग 10,000 करोड़ रुपये है। वहीं, उत्तर बंगाल की बात करें तो बकाया का यह आंकड़ा कम से कम 2,000-2,500 करोड़ रुपये होगा। ऐसे ही अकेले सिलीगुड़ी क्षेत्र की बात करें तो यह बकाया 100 करोड़ रुपये से अधिक है। अगस्त 2024 से ही जल जीवन मिशन के फंड प्रभावी रूप से बंद हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि, अनेक ठेकेदारों ने समय पर कार्य पूर्ण करने हेतु बैंकों से भारी ऋण लिया हुआ है। मगर, समय पर भुगतान न होने के चलते उत्पन्न आर्थिक संकट के कारण अनेक ठेकेदार अपने बच्चों की पढ़ाई, परिवार की आवश्यकताओं एवं सामाजिक दायित्वों को पूरा कर पाने में भी अब असमर्थ हो गए हैं। वहीं, पीएचई ठेकेदारों के अधीनस्थ 5000 से अधिक श्रमिक व उनके परिवार भी दैनिक आजीविका से वंचित हो रहे हैं। शासन-प्रशासन से हमारी मांग है कि अब तक के लंबित सभी बकाया का तत्काल बिना किसी शर्त के भुगतान किया जाए। इस मांग पर अविलंब अमल नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में हम और भी जारदार आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

उल्लेखनीय है कि समान मुद्दे को लेकर नॉर्दर्न पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग मेकेनिकल कॉन्ट्रैक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य ठेकेदारों ने एकजुट हो कर बीते शुक्रवार को परेश नगर स्थित ड्रिलर इंचार्ज नॉर्दर्न मेकेनिकल सब-डिवीजन (ड्रिलिंग) के कार्यालय में ताला जड़ कर धरना प्रदर्शन किया। इससे भी पूर्व बीते बुधवार को भी राज्य भर में पीएचई कार्यालयों में ताला जड़ कर पीएचई ठेकेदारों का धरना प्रदर्शन हुआ था। उस दिन यहां भी सिलीगुड़ी पीएचई कॉन्ट्रैक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से बाबू पाड़ा में पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग (पीएचई) विभाग के सिलीगुड़ी क्षेत्रीय कार्यालय में अधीक्षण अभियंता एवं कार्यपालक अभियंता के कार्यालय में ताला जड़ कर प्रतीकात्मक रूप से विरोध दर्ज कराया गया था व धरना प्रदर्शन किया गया था। उस समय पीएचई विभाग के सिलीगुड़ी क्षेत्र के अधीक्षण अभियंता बिश्वजीत पान ने कहा था कि, गत डेढ़ वर्ष से केंद्र सरकार का अंश जारी नहीं हुआ है, जिसके कारण भुगतान में देरी हो रही है। समस्या के समाधान का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।

SCROLL FOR NEXT