गंगटोक: संसद के अधिनियम के तहत वर्ष 2007 में स्थापित सिक्किम यूनिवर्सिटी, राज्य का एकमात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय, स्थापना के 19 साल बाद भी अपने स्थायी कैंपस के बिना संचालित हो रहा है। दक्षिण सिक्किम के यांगांग में प्रस्तावित स्थायी कैंपस का निर्माण अभी जारी है। फिलहाल विश्वविद्यालय का प्रशासनिक कार्यालय सामदुर, तादोंग में स्थित है, जबकि शिक्षण विभाग गंगटोक और आसपास के क्षेत्रों में करीब 22 किराए के भवनों से संचालित हो रहे हैं। विभागों के अलग-अलग स्थानों पर संचालित होने से छात्रों और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में भी चुनौतियां बनी हुई हैं। इसी बीच, विश्वविद्यालय के कई स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में बड़ी संख्या में सीटें खाली रहना भी चिंता का विषय बना हुआ है। वर्ष 2026 के आंकड़ों के अनुसार, विश्वविद्यालय की 840 स्वीकृत स्नातकोत्तर सीटों में 300 से अधिक सीटें रिक्त हैं। भूटिया विभाग में 20 में से 18 सीटें, चीनी विभाग में 23 में से 20 सीटें और मानवशास्त्र विभाग में 23 में से 18 सीटें खाली बताई गई हैं। स्थायी कैंपस में देरी और लगातार खाली रह रही सीटों के बीच विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रतिस्पर्धा, छात्रों की पसंद और संस्थागत योजना को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यांगांग कैंपस को लेकर समय-समय पर आश्वासन दिए जाते रहे हैं, लेकिन अब तक इसके पूरी तरह तैयार होने की निश्चित समयसीमा सामने नहीं आई है। स्थायी कैंपस का इंतजार और बड़ी संख्या में खाली सीटें दोनों ही मुद्दे अब सिक्किम यूनिवर्सिटी के भविष्य और शैक्षणिक दिशा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।