शिक्षा

SSC : चार दिनों में 300 से अधिक उम्मीदवार नकली दस्तावेजों के साथ पकड़े गए

अगर जानकारी गलत है, तो उम्मीदवार एलिजिबल नहीं रहेंगे : चेयरमैन अब तक इंग्लिश, बंगाली हिस्ट्री, कॉमर्स समेत कुछ सब्जेक्ट्स के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का काम पूरा

प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल स्कूल सर्विस कमीशन (SSC) द्वारा 11वीं और 12वीं कक्षा के लिए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के पहले ही चार दिनों में 300 से अधिक उम्मीदवार ऐसे पाए गए, जिन्होंने फर्जी या गलत जानकारी के आधार पर आवेदन किया था। इनमें से कुछ के जाति प्रमाणपत्र में विसंगतियां मिलीं, तो कुछ ने अपने परीक्षा अंकों में वृद्धि दिखा दी थी। कई आवेदकों ने अपने कार्य-अनुभव से जुड़े दस्तावेजों में भी हेरफेर किया था।

जानकारी के अनुसार 18 नवंबर से इस भर्ती प्रक्रिया का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन शुरू हुआ है। शनिवार तक इंग्लिश, बंगाली, हिस्ट्री, कॉमर्स, पॉलिटिकल साइंस और कंप्यूटर साइंस जैसे छह विषयों की जांच पूरी हो चुकी है। इसी दौरान नकली या गलत दस्तावेज देने वाले छात्रों की संख्या तेजी से सामने आई है, जिसने विभाग को भी चौंका दिया है।

SSC चेयरमैन सिद्धार्थ मजूमदार ने कहा कि कई आवेदकों ने ऑनलाइन आवेदन करते समय गलत जानकारी दी थी। “सभी विवरणों को सख्ती से वेरिफाई किया जा रहा है। अगर जानकारी गलत पाई गई, तो ऐसे उम्मीदवार किसी भी स्थिति में एलिजिबल नहीं माने जाएंगे,” उन्होंने स्पष्ट किया। चेयरमैन ने यह भी संकेत दिया कि आगे के चरणों में वेरिफिकेशन और कठोर किया जाएगा ताकि किसी भी तरह की धोखाधड़ी की संभावनाएं समाप्त की जा सकें।

दूसरी ओर, ‘एलिजिबल’ उम्मीदवारों का कहना है कि गलत जानकारी देने वाले आवेदकों पर कार्रवाई तो होनी चाहिए, लेकिन सही उम्मीदवारों को किसी तरह की परेशानी या देरी नहीं होनी चाहिए। बेरोजगार उम्मीदवार सुमन बिस्वास ने कहा कि आयोग को ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के दौरान अधिक सख्ती बरतनी चाहिए थी। SSC की अब तक की जांच से साफ है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दस्तावेज़ों का सत्यापन बेहद अहम है, और आने वाले दिनों में ऐसे कई और मामलों के उजागर होने की संभावना है।

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