प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (SSC) की हालिया भर्ती प्रक्रिया को लेकर असंतोष जताते हुए फ्रेश कैंडिडेट्स ने सोमवार को एक बार फिर विकास भवन तक विरोध मार्च निकाला। यह मार्च सॉल्टलेक के करुणामयी इलाके से शुरू होकर विकास भवन की ओर बढ़ा। प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद पुलिस पहले से ही सतर्क थी और विभिन्न स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया और कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि SSC भर्ती प्रक्रिया में अनुभव (एक्सपीरियंस) के आधार पर दिए जा रहे 10 अतिरिक्त अंक नए और योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय कर रहे हैं। उनका आरोप है कि भले ही फ्रेश कैंडिडेट्स ने लिखित परीक्षा में पूरे अंक हासिल किए हों, लेकिन अनुभव के नाम पर दिए गए अतिरिक्त अंकों के कारण उन्हें नौकरी पाने का मौका नहीं मिल पा रहा है। इसी मांग को लेकर उन्होंने एक्सपीरियंस के 10 मार्क्स को पूरी तरह रद्द करने की मांग की।
इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों ने रिक्त पदों (वैकेंसी) की संख्या बढ़ाने, इंटरव्यू प्रक्रिया की पूरी वीडियोग्राफी कराने और भर्ती प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता लाने की भी मांग उठाई। उनका कहना है कि SSC द्वारा कई वर्षों के बाद परीक्षा आयोजित की गई थी, जिससे बड़ी संख्या में नए उम्मीदवारों को उम्मीद जगी थी, लेकिन परिणाम आने के बाद उन्हें निराशा हाथ लगी। मार्च में शामिल एक नौकरी की तलाश कर रहे उम्मीदवार ने कहा कि अगर भर्ती प्रक्रिया में समान अवसर देना है, तो अनुभव के आधार पर दिए जा रहे 10 अंक हटाए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि बेरोजगार युवाओं को राहत देने के लिए सीटों की संख्या में कम से कम एक लाख की बढ़ोतरी की जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन को और तेज़ करने पर मजबूर होंगे।