प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : SLST (स्टेट लेवल सिलेक्शन टेस्ट) के नए नौकरी तलाशने वाले उम्मीदवार एक बार फिर सड़क पर उतर आए हैं। 24 नवंबर को उन्होंने करुणामयी से विकास भवन तक नया विरोध मार्च बुलाया है। उम्मीदवारों का आरोप है कि उच्च क्वालिफिकेशन और बेहतर मेरिट होने के बावजूद उन्हें अनुभव वाले उम्मीदवारों के कारण चयन प्रक्रिया में पीछे किया जा रहा है। कई उम्मीदवारों का दावा है कि उन्होंने रिटन टेस्ट में 60 में से पूरे 60 या 59 नंबर हासिल किए, फिर भी उन्हें इंटरव्यू कॉल नहीं मिला, जिससे उनके मन में गहरी नाराज़गी है।
इससे पहले भी इन उम्मीदवारों ने दो दिनों तक लगातार विरोध प्रदर्शन किया था, लेकिन पुलिस की अनुमति न होने के कारण उन्हें रोक दिया गया था। इस अनुभव के बाद, उम्मीदवारों के एक समूह ने विधाननगर कमिश्नरेट और बिधाननगर नॉर्थ पुलिस स्टेशन से जुलूस निकालने की अनुमति मांगी है। हालांकि, अब तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक अनुमति नहीं मिली है, जिससे उनके विरोध मार्च पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
नए उम्मीदवार तीन प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। पहली मांग है कि वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों को अनुभव आधारित 10 अंकों का लाभ न दिया जाए, क्योंकि यह नए उम्मीदवारों के साथ अन्याय है। दूसरी मांग यह है कि शिक्षक भर्ती के लिए उपलब्ध रिक्तियों की संख्या लगभग 13,000 तक तुरंत बढ़ाई जाए। तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण मांग यह है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए सभी उम्मीदवारों की OMR शीट सार्वजनिक की जाए।
गौरतलब है कि 17 नवंबर को करुणामयी में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान उम्मीदवारों ने लगभग सात घंटे तक आंदोलन किया था, लेकिन अनुमति न होने के कारण पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया था। इसके अगले दिन यानी 18 नवंबर को जब वे दोबारा एकत्र हुए, तो पुलिस ने कई उम्मीदवारों को हिरासत में भी ले लिया था। अब, उम्मीदवार उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार उनके आंदोलन को उचित मंच मिलेगा और उनकी मांगों पर राज्य सरकार और संबंधित विभाग गंभीरता से विचार करेंगे।