प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : जादवपुर यूनिवर्सिटी ने स्कूल एजुकेशन और हायर एजुकेशन के बीच के गैप को कम करने के लिए एक नया प्लान बनाया है। स्कूल स्टूडेंट्स में इनोवेटिव एबिलिटी, साइंस और टेक्नोलॉजी की सोच को बढ़ावा देने के लिए यूनिवर्सिटी के टीचर कभी स्कूल जाएंगे तो कभी स्कूल स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी आकर वर्कशॉप में शामिल होंगे। इस नए प्लान का नाम ‘स्कूल कनेक्ट प्रोग्राम’ रखा गया है। जेयू सूत्रों के अनुसार यह स्कूल कनेक्ट प्रोग्राम 2019 में मौलाना अबुल कलाम आज़ाद यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में शुरू हुआ था। इसी से प्ररित होकर इसे जेयू में शुरू किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, जादवपुर में एक इंस्टीट्यूशनल इनोवेशन काउंसिल है। ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन के नियमों के मुताबिक, इस काउंसिल का होना जरूरी है। इसी काउंसिल के तहत स्कूल कनेक्ट लॉन्च किया गया है। अब तक दो-तीन वर्कशॉप हो चुकी हैं।
क्या है स्कूल कनेक्ट प्रोग्राम?
कुछ चुने हुए स्कूलों के हेड से बात करने के बाद, हायर सेकेंडरी या सेकेंडरी लेवल के उन सभी स्टूडेंट्स को इस प्रोजेक्ट के तहत लाया जाएगा जिनमें इनोवेटिव, साइंटिफिक या इंडस्ट्रियल पोटेंशियल है। उन्हें अलग-अलग ट्रेनिंग देने के अलावा, उनके स्किल डेवलपमेंट पर ग्लोबल फोकस किया जाएगा।