सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : जेयू में एक बार फिर छात्रा की मौत की घटना सामने आयी है। इस संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित राष्ट्रीय टास्क फोर्स परिसर में पहुंची। जादवपुर के छात्रों ने शुक्रवार को उनके साथ बैठक में गुस्सा जाहिर किया। छात्रों का कहना था कि यह पहली बार नहीं है, अगस्त 2023 में भी एक छात्र की मौत की घटना घटी थी। तब से निगरानी बढ़ाने की मांग उठ रही है। पूरे परिसर में 70 अतिरिक्त निगरानी कैमरे लगाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन, वित्तीय संकट के कारण ऐसा नहीं हो सका। इसके अलावा परिसर में रात्रि गश्त शुरू की गई है, मगर विश्वविद्यालय में पर्याप्त सुरक्षा गार्ड नहीं हैं। छात्रों से लेकर अधिकारियों तक, सभी का कहना है कि निगरानी में दिक्कत आ रही है।
क्या कहा जेयू के प्रो-वीसी ने?
सुरक्षा के बारे में जेयू के प्रो-वीसी अमिताभ दत्ता ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे लगाने के संबंध में राज्य सरकार को पत्र भेजा गया है। हम सीमित के साथ सुरक्षा गार्डों की संख्या को लेकर काम कर रहे हैं। घटना वाले दिन भी एक गश्ती दल मौजूद था, लेकिन हो सकता है कि दुर्घटना के समय वहां कोई गार्ड मौजूद न हो। उन्होंने माना कि परिसर की सबसे बड़ी समस्या सुरक्षा गार्डों की कमी है। वह सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार के साथ नए सिरे से चर्चा करने पर विचार कर रहे हैं। जूटा की ओर से जनरल सेक्रेटरी पार्थ प्रतिम रे ने भी इस घटना को लेकर दुख व्यक्त किया है।
एबीवीपी ने किया विरोध प्रदर्शन
जेयू में हुई घटना को लेकर शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ओर से विश्वविद्यालय के गेट नंबर 4 पर विरोध प्रदर्शन किया गया। गेट बंद होने के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने गेट पर चढ़कर परिसर में घुसने की कोशिश की। एबीवीपी ने विश्वविद्यालय प्रशासन की उदासीनता और राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल उठाया। उसके अनुसार, परिसर में पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं।