प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : जादवपुर यूनिवर्सिटी (जेयू) के कुलपति और उच्च माध्यमिक शिक्षा संसद के प्रेसिडेंट प्रो. चिरंजीव भट्टाचार्य को रविवार को SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) हियरिंग के लिए बुलाया गया। वह जादवपुर इलाके के काटजूनगर स्थित स्वर्णमयी विद्यालय में आयोजित हियरिंग में उपस्थित हुए। इस दौरान उन्होंने पूरी प्रक्रिया को लेकर सवाल भी उठाए।
हियरिंग के बाद प्रो. भट्टाचार्य ने कहा कि जब इतनी बड़ी संख्या में लोगों को बुलाया जा रहा है, तो यह समझना जरूरी है कि इसका वास्तविक उद्देश्य क्या है। उन्होंने संकेत दिया कि प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्पष्टता का अभाव नजर आ रहा है। गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने पिछले साल अक्टूबर में पश्चिम बंगाल में SIR की घोषणा की थी, जिसके तहत मतदाता सूची में नामों की जांच और सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है।
हाल के दिनों में यह प्रक्रिया विवादों में घिरती नजर आ रही है। कई मामलों में लोगों को उनके नाम की स्पेलिंग में मामूली त्रुटि होने के बावजूद हियरिंग के लिए बुलाया जा रहा है। इसे लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस लगातार आरोप लगा रही है कि SIR के नाम पर आम लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है।
इसी पृष्ठभूमि में प्रो. चिरंजीव भट्टाचार्य को हियरिंग के लिए बुलाया जाना भी चर्चा का विषय बन गया है। उल्लेखनीय है कि उन्होंने वर्ष 1983 में कोलकाता के लेकटाउन स्थित एक स्कूल से माध्यमिक परीक्षा पास की थी। इसके बाद उन्होंने जादवपुर यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा प्राप्त की और वहीं लंबे समय तक अध्यापन कार्य भी किया। अकादमिक जगत में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। कोलकाता में जन्म, शिक्षा, परवरिश और दशकों तक सफल करियर के बावजूद SIR हियरिंग के लिए बुलाए जाने को लेकर प्रो. भट्टाचार्य ने असंतोष जताया है। यह मामला अब SIR प्रक्रिया की प्रभावशीलता और जरूरत को लेकर नई बहस को जन्म दे रहा है।