शिक्षा

हिजाब विवाद : जेयू में फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी ने जांच शुरू की

प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : जादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) में हाल ही में सामने आए हिजाब विवाद को लेकर गठित फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। सोमवार को कमेटी के सदस्यों ने इंग्लिश विभाग की थर्ड ईयर की एक अंडरग्रेजुएट छात्रा और संबंधित डिपार्टमेंट हेड से अलग-अलग बातचीत की। सूत्रों के अनुसार, उसी दिन कमेटी ने जादवपुर विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर को एक रिकमेंडेशन लेटर भी सौंपा है। इस सिफारिश पत्र में कहा गया है कि जांच पूरी होने तक इंग्लिश विभाग की प्रमुख शाश्वती हलदर विश्वविद्यालय न आएं। इस संबंध में जेयू के वाइस चांसलर चिरंजीव भट्टाचार्य ने बताया कि वह मंगलवार को सिफारिश पत्र की समीक्षा करने के बाद आवश्यक कदम उठाएंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जा रही है।

क्या था पूरा मामला?

यह विवाद 22 दिसंबर को आयोजित एक परीक्षा के दौरान शुरू हुआ। जानकारी के अनुसार, परीक्षा के दौरान बार-बार नकल के संदेह के चलते इंग्लिश विभाग की प्रमुख ने संबंधित छात्रा को परीक्षा कक्ष से बाहर बुलाया और पास के एक कमरे में ले जाया गया। वहां एक महिला रिसर्चर की मौजूदगी में छात्रा ने स्वयं अपना हेडस्कार्फ (हिजाब) हटाकर यह स्पष्ट किया कि उसके पास कोई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस नहीं है

जांच के बाद विभागाध्यक्ष ने छात्रा से माफी मांगी और उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई। हालांकि, 24 दिसंबर को दीक्षांत समारोह (कॉन्वोकेशन) के बाद कुछ छात्रों ने इस घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि छात्रा के साथ अनुचित व्यवहार किया गया और उन्होंने इंग्लिश विभाग की प्रमुख को पद से हटाने की मांग की।

शिकायत सामने आते ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन सदस्यीय फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी का गठन किया। फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है और विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा

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