प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राज्य के पास मिड-डे मील कार्यक्रम को जारी रखने के लिए फंड की कमी है। इस बारे में स्कूल शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जिस पोर्टल के जरिए राज्य सरकार को मिड-डे मील योजना के खर्च का सारा ब्योरा केंद्र सरकार को जमा करना होता है, वह अभी बंद पड़ा है। जानकारी के अनुसार केंद्र से फंड पाने के लिए, सबसे पहले खर्च का ब्योरा जमा करना होता है, लेकिन केंद्र का तय पोर्टल अभी काम नहीं कर रहा है। नतीजतन, यह काम पुराने, मैन्युअल तरीके से करना पड़ रहा है, जिसका नतीजा काम में बेवजह देरी हो रही है। खबरों के मुताबिक, आम तौर पर हर महीने की 10 तारीख तक आमदनी और खर्च का मासिक ब्योरा जमा किया जाता है।
लेकिन, नए वित्त वर्ष के पहले महीने में, पिछला पूरा हिसाब-किताब देना जरूरी होता है। उन्होंने कहा, जब तक पूरा हिसाब जमा नहीं होता, तब तक फंड की अगली किस्त नहीं मिलती है। हालांकि हमें भरोसा दिलाया गया था कि समस्या हल हो जाएगी, लेकिन सोमवार सुबह तक भी पोर्टल (MIS) काम नहीं कर रहा था। जानकारी के अनुसार विभाग के पास अभी जो फंड है, वह अप्रैल तक मिड-डे मील कार्यक्रम चलाने के लिए काफी है। हालांकि मई में फंड से काम चलाना मुश्किल हो जाएगा। विभागीय सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार के साथ चर्चाएं जारी हैं। यदि आवश्यक हुआ, तो जरूरी रिपोर्टें ईमेल के माध्यम से जमा करने की व्यवस्था की जा रही है।