शिक्षा

चुनाव ड्यूटी के बीच पहली पीरियोडिक असेसमेंट, स्कूलों में असमंजस

परीक्षा आयोजित करने में होगी समस्या, तो किया जाएगा विचार : सुब्रत घोष

प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : चुनाव प्रशिक्षण सत्रों में शामिल होने के साथ ही ज्यादातर स्कूल इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि अकादमिक कैलेंडर के मुताबिक वे अपनी पहली पीरियोडिक असेसमेंट कैसे आयोजित करेंगे। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से जारी अकादमिक कैलेंडर में हर वर्ष के अनुसार इस वर्ष भी 1 से 10 अप्रैल तक पहली पीरियोडिक असेसमेंट आयोजित करना निर्धारित किया गया है। हालांकि इस बार चुनाव है और ऐसे में स्कूल के कई शिक्षक व शिक्षाकर्मी चुनावी काम में लगे हुए हैं। इस स्थिति में कई स्कूलों की ओर से चिंता जाहिर की गई है कि कम शिक्षक व शिक्षाकर्मियों की उपस्थिति में वे यह परीक्षा कैसे आयोजित करवाएंगे। परीक्षा जैसे संवेदनशील कार्य के लिए पर्याप्त स्टाफ का होना आवश्यक है, ताकि पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखा जा सके।

क्या कहा स्कूल के हेडमास्टर ने?

बैण्डेल महात्मा गांधी हिंदी विद्यालय के हेडमास्टर विजय कुमार प्रसाद ने बताया कि बोर्ड की ओर से 1 से 10 अप्रैल तक पहली पीरियोडिक असेसमेंट आयोजित करने का निर्देश दिया गया है, उसी मुताबिक काम किया जाएगा। परीक्षा 2 अप्रैल से शुरू हो रही है। हालांकि फिलहाल ज्यादा कोई समस्या नहीं है, मगर इस दौरान अगर स्कूल में सेंट्रल फोर्स पहुंच जाती है, तो मजबूरन परीक्षा की तारीख आगे बढ़ानी होगी। इसके बाद फिर स्कूल खाली होने पर परीक्षा आयोजित की जाएगी।

क्या कहा बोर्ड के सेक्रेटरी ने?

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सेक्रेटरी सुब्रत घोष ने कहा कि अकादमिक कैलेंडर के मुताबिक पहली पीरियोडिक असेसमेंट की तारीख 1 से 10 अप्रैल है। हालांकि अगर स्कूलों में सेंट्रल फोर्स के रहने या किसी अन्य वास्तविक कारण से परीक्षा आयोजित करने में समस्या होती है, तो स्कूल द्वारा बोर्ड से संपर्क करने पर उसपर विचार किया जाएगा।

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