सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कलकत्ता विश्वविद्यालय ने तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के महासचिव अभिरूप चक्रवर्ती को बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए आगामी 5 वर्षों के लिए ‘सेंसर’ कर दिया है। इस निर्णय के अनुसार अभिरूप अब विश्वविद्यालय की किसी भी आधिकारिक गतिविधि, कार्यक्रम या आयोजन में भाग नहीं ले पाएंगे। विश्वविद्यालय की इस सख्त कार्रवाई के पीछे हाल ही में कुलपति शांता दत्ता के साथ हुए विवाद को अहम कारण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, अभिरूप पर कुलपति के खिलाफ अभद्र भाषा और भद्दी टिप्पणियां करने का आरोप है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए अनुशासनात्मक जांच के बाद यह निर्णय लिया। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिरूप चक्रवर्ती ने विश्वविद्यालय के फैसले को 'प्रतिशोधात्मक' बताया और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “कार्यवाहक कुलपति से मुझे यही उम्मीद थी। मैं 2023 में पीएचडी की परीक्षा दे चुका हूं, लेकिन टीएमसीपी से जुड़ाव के कारण पिछले दो वर्षों से मेरा परिणाम रोका गया है। यह पूरी तरह पक्षपातपूर्ण रवैया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि भविष्य में अगर अभिरूप किसी भी आवेदन प्रक्रिया में शामिल होते हैं, तो उनकी पृष्ठभूमि की गहन जांच की जाएगी। यह कार्रवाई छात्र राजनीति और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच बढ़ते टकराव का संकेत है। छात्र संगठनों में इस फैसले को लेकर हलचल मच गई है।