प्रगति, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : इस शैक्षणिक सत्र से राज्य के D.El.Ed कार्यक्रमों के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य की जा रही है। ये कार्यक्रम प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के तहत संचालित होते हैं और नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) द्वारा अनुमोदित हैं। एक आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से प्राथमिक शिक्षा बोर्ड ने घोषणा की है कि यह नियम शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और छात्रों सभी पर समान रूप से लागू होता है। बोर्ड ने सभी सरकारी, स्वायत्त और निजी D.El.Ed संस्थानों को अगले 30 दिनों के भीतर बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू करने का निर्देश दिया है।
प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष गौतम पाल ने कहा कि हम चाहते हैं कि शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में शिक्षण और सीखने की गतिविधियां नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए संचालित हों। ऐसी शिकायतें मिली हैं कि सरकारी और निजी कॉलेज अपने छात्रों की ठीक से निगरानी नहीं कर पाते हैं, अटेंडेंस दरें अक्सर कम होती हैं, फिर भी ये संस्थान नियमित रूप से प्रैक्टिकल के अंक दे देते हैं और छात्रों को परीक्षाओं में बैठने की अनुमति दे देते हैं। इस स्थिति को सुधारने के लिए बोर्ड ने कड़े कदम उठाए हैं। जानकारी के अनुसार वर्तमान में राज्य में 65 सरकारी और 596 निजी D.El.Ed कॉलेज संचालित हैं।